5 साल का अनुभव और कम क्राइम रेट वाले थानों की मिलेगी कमान, DGP ने जारी किए आदेश
जयपुर। राजस्थान पुलिस में पुलिस निरीक्षकों (CI) की कमी को देखते हुए महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य के कई पुलिस थानों की कमान उप-निरीक्षकों (SI) के हाथों में सौंपी जाएगी। विभाग ने इसके लिए नियमों में अस्थायी रूप से ढील देते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान पुलिस में पुलिस निरीक्षक पद के लिए पर्याप्त संख्या में योग्य अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं। इस कमी के कारण राज्य के सभी थानों में अनुभवी थानाधिकारी (SHO) नियुक्त करने में विभाग को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को सुलझाने के लिए अब सब-इंस्पेक्टर्स को जिम्मेदारी देने का रास्ता साफ किया गया है।

इन शर्तों पर SI बन सकेंगे थानाधिकारी
हर सब-इंस्पेक्टर को थाने की कमान नहीं मिलेगी। DGP के आदेशानुसार इसके लिए कुछ सख्त शर्तें तय की गई हैं:
- अनुभव की अनिवार्यता: केवल उन्हीं उप-निरीक्षकों को SHO बनाया जाएगा जिनके पास इस पद पर कम से कम 5 साल का कार्य अनुभव हो।
- लो-क्राइम एरिया: यह व्यवस्था केवल उन्हीं थानों के लिए है जहाँ वार्षिक आपराधिक मामलों का पंजीकरण (Crime Rate) 250 से कम है।
- लोकेशन की शर्त: जिला मुख्यालय या उपखंड मुख्यालय पर स्थित थानों में यह छूट लागू नहीं होगी। ग्रामीण और कम संवेदनशील थानों को ही इसके लिए चुना जाएगा।
प्रक्रिया और पारदर्शिता
इन पदों पर नियुक्तियां सीधे नहीं होंगी। रेंज प्रभारी, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस और रेंज महानिरीक्षक (IG) से विधिवत अनुमोदन मिलने के बाद ही सब-इंस्पेक्टर्स को थानाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया जा सकेगा।
इस फैसले से जहाँ एक ओर पुलिस निरीक्षकों की कमी से जूझ रहे थानों को नेतृत्व मिलेगा, वहीं अनुभवी सब-इंस्पेक्टर्स के लिए भी फील्ड में अपनी कार्यक्षमता साबित करने का यह एक सुनहरा मौका होगा।



