एएनटीएफ (ANTF) की बड़ी स्ट्राइक: पहचान बदलकर छुप रहे 25 हजारी इनामी सहदेव को जोधपुर से दबोचा।
न्यूज रिपोर्ट: नशे के साम्राज्य पर पुलिस का प्रहार
जोधपुर/जयपुर। नशे के सौदागरों के खिलाफ राजस्थान पुलिस और एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक ऐसी बड़ी सफलता हासिल की है, जिसने तस्करी के नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। एटीएस एवं एएनटीएफ महानिरीक्षक (IG) विकास कुमार के नेतृत्व और एडीजी एम.एन. दिनेश के मार्गदर्शन में चलाए गए ‘ऑपरेशन तंत्रीपाल’ के तहत पुलिस ने शातिर तस्कर सहदेव को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है।
आईजी विकास कुमार ने किया ‘ऑपरेशन तंत्रीपाल’ का नेतृत्व इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया। आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी सहदेव महाभारत के पात्रों की तरह अपनी पहचान बदलकर ‘अज्ञातवास’ काट रहा था। जिस तरह अज्ञातवास के दौरान सहदेव का नाम ‘तंत्रीपाल’ रखा गया था, उसी तर्ज पर पुलिस ने इस मिशन का नाम ‘ऑपरेशन तंत्रीपाल’ रखा और आरोपी को उसके मांद से बाहर खींच निकाला।
एक्सीडेंट बना तस्कर की गिरफ्तारी का सुराग सहदेव इतना शातिर था कि वह पुलिस की फाइलों में हमेशा फर्जी नामों से बच निकलता था। लेकिन ANTF की पैनी नजरों से वह बच नहीं सका। आईजी विकास कुमार ने खुलासा किया कि दो महीने पहले एक बाइक एक्सीडेंट में सहदेव के पैरों में गंभीर चोट आई थी। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जोधपुर के अस्पताल में इलाज कराया था। एएनटीएफ की टीम ने जब उसके नेटवर्क और रिश्तेदारों पर शिकंजा कसा, तो वह सीसीटीवी कैमरे की जद में आ गया और मोगड़ा गांव (पाली रोड) के पास दबोच लिया गया।
मजदूरी से तस्करी तक का काला सफर महज 12वीं पास सहदेव ने पहले मजदूरी और ड्राइवरी की, लेकिन जल्द पैसा कमाने की हवस ने उसे अपने मौसेरे भाइयों के साथ तस्करी के धंधे में धकेल दिया। स्कॉर्पियो के जरिए मध्य प्रदेश से मादक पदार्थ लाना और राजस्थान में जहर फैलाना उसका पेशा बन गया था। भीलवाड़ा पुलिस ने इस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
ANTF की तारीफ और जनता से अपील इस ऐतिहासिक सफलता पर आईजी विकास कुमार ने एएनटीएफ जयपुर मुख्यालय और जोधपुर आयुक्तालय की टीम की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरी टीम को विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की है कि नशे के कारोबार की जानकारी कंट्रोल रूम नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9001999070 पर दें, सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।



