अमर गेहलोत के सौजन्य से जुटेगा देशभर के कवियों का जमघट, कंकु पत्रिका पूजन के साथ आयोजनों का आगाज
भीनमाल (जालौर)। शिशुपाल वध जैसे कालजयी ग्रंथ के रचयिता महाकवि माघ की जन्म जयंती महोत्सव को लेकर भीनमाल में उत्साह का सैलाब उमड पडा है। अखिल भारतीय महाकवि माघ विकास संस्थान के तत्वावधान में आयोजित होने वाले दो दिवसीय महोत्सव की तैयारियों ने अब रफ्तार पकड ली है। इसी कडी में राष्ट्रीय विराट कवि सम्मेलन की कंकु पत्रिका का विधिवत पूजन कर देवताओं को आमंत्रण देने की परंपरा निभाई गई।
अमृत जीवित महोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य आयोजन
बैठक में डॉ. घनश्याम व्यास ने बताया कि नगर के प्रसिद्ध व्यवसायी अमर गेहलोत ने अपनी मातोश्री हुआ देवी मलाराम गेहलोत के ‘अमृत जीवित महोत्सव’ के पावन अवसर पर इस विराट कवि सम्मेलन का सौजन्य संभाला है। एक फरवरी को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में संभाग और देशभर के ख्यातनाम कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को सराबोर करेंगे।
देव द्वारों पर पहुंची कंकु पत्रिका
परंपरानुसार, मंत्रोच्चार के साथ आमंत्रण पत्रिका का पूजन किया गया। इसके पश्चात नगर के प्रमुख आराध्य देवी-देवताओं के द्वारों पर कंकु पत्रिका लिखकर निमंत्रण भेजा गया। संस्थान ने नगर के विभिन्न ट्रस्टों और देवस्थानों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इस दौरान कार्यक्रम के पोस्टर और पैम्फलेट का विमोचन भी किया गया, जिसमें 36 कौम के नागरिकों से बढ-चढकर हिस्सा लेने की अपील की गई।
साहित्यिक राजधानी बनेगा भीनमाल
महोत्सव को लेकर नगर के मुख्य मार्गों और चौराहों पर होर्डिंग व स्वागत द्वार लगाए जा रहे हैं। आयोजन को भव्य बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को मंच, अतिथि सत्कार और सुरक्षा जैसी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस दौरान ठाकुर शेखर व्यास, हकसिंह के राव, श्याम खेतावत, मोहन सिंह सिसोदिया, सुरेश बंजारा, जगदीश रामावत, दिनेश दवे नवीन, दिनेश वत्सल, मांगीलाल गहलोत, प्रेमाराम बंजारा, सालूराम देवासी सहित कई गणमान्य नागरिक तैयारियों में जुटे नजर आए।
विशेष संदेश: यह आयोजन भीनमाल को साहित्यिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।



