जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है । आयोग ने मतदान दलों के गठन और उनकी कार्यप्रणाली को लेकर नए और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं । मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा द्वारा जारी इन आदेशों के तहत अब प्रत्येक मतदान बूथ पर 5 सदस्यीय दल की तैनाती की जाएगी ।
कैसा होगा मतदान दल का ढांचा? आयोग के नए नियमों के अनुसार, प्रत्येक मतदान दल में एक मतदान अधिकारी (Polling Officer) और चार सहायक मतदान अधिकारी शामिल होंगे । खास बात यह है कि मतदान दल में एक सदस्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी स्तर का अनिवार्य रूप से नियुक्त किया जाएगा । यदि जिला परिषद, पंचायत समिति, सरपंच और पंच के चुनाव एक साथ होते हैं, तो एक ही दल इन चारों पदों के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी कराएगा ।
अधिकारियों की वरिष्ठता का रखा जाएगा खास ख्याल आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव ड्यूटी के दौरान कार्मिकों के मान-सम्मान और वरिष्ठता से समझौता नहीं किया जाएगा । मतदान अधिकारी का स्तर विधानसभा या लोकसभा चुनाव के पीठासीन अधिकारी के बराबर होगा । साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को उसके कनिष्ठ (Junior) कर्मचारी के अधीन काम न करना पड़े । ड्यूटी लगाते समय कार्मिकों के मूल पद और वेतनमान का भी ध्यान रखा जाएगा ।
स्थानीय प्रभाव को रोकने के लिए ‘मिक्स-अप’ फॉर्मूला स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने सख्त नियम बनाया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उस पंचायत समिति का निवासी या वहां पदस्थ नहीं होना चाहिए, जहां उसका मतदान केंद्र आता है । हालांकि, अध्यापकों को अन्य पंचायत समिति क्षेत्रों में ड्यूटी पर लगाया जा सकेगा । इसके अलावा, अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को मिलाकर (Mix-up) दल बनाए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश न रहे ।
इन कार्मिकों को मिलेगी चुनाव ड्यूटी से राहत आयोग ने कुछ श्रेणियों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखने के निर्देश दिए हैं:
- केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारी ।
- अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कार्मिक ।
- दिव्यांग और महिला कार्मिकों को ‘यथासंभव’ इन दलों में शामिल नहीं किया जाएगा ।
- किसी भी उम्मीदवार से सीधा संबंध रखने वाले व्यक्ति की नियुक्ति नहीं होगी ।
प्रशिक्षण और रिजर्व फोर्स चुनाव प्रक्रिया में चूक न हो, इसके लिए मतदान दलों को दो चरणों में गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा । पहला प्रशिक्षण जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा तय तिथि पर होगा और दूसरा रवानगी के दिन दिया जाएगा । आपात स्थिति या पुनर्मतदान की स्थिति से निपटने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर 10% मतदान दलों को आरक्षित (Reserve) रखा जाएगा ।
पंचायती राज चुनाव: मतदान दलों की संरचना और कर्तव्यों का विवरण
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के अंतर्गत मतदान दलों के गठन और उनके उत्तरदायित्वों के लिए स्पष्ट रूपरेखा तैयार की गई है 1111। इस चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए पदानुक्रम और कार्य विभाजन इस प्रकार है:
1. मतदान दल संरचना चार्ट (प्रति बूथ)
प्रत्येक मतदान केंद्र के प्रबंधन के लिए 5 सदस्यीय टीम नियुक्त की जाएगी 2।
| पदनाम | संख्या | पात्रता और स्तर |
| रिटर्निंग अधिकारी (RO) | 1 (प्रति पंचायत सर्किल) | मतदान अधिकारी से उच्चतर पद का अधिकारी, अधिमानतः राजपत्रित 33333333। |
| सहायक रिटर्निंग अधिकारी (ARO) | आवश्यकतानुसार | वार्ड संख्या 20 से अधिक होने पर रिटर्निंग अधिकारी की सहायता हेतु नियुक्त 4। |
| मतदान अधिकारी (PO) | 1 (प्रति बूथ) | विधानसभा/लोकसभा चुनाव के पीठासीन अधिकारी के समान स्तर का 5555। |
| सहायक मतदान अधिकारी (APO) | 4 (प्रति बूथ) | इनमें से एक अनिवार्य रूप से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी स्तर का होगा 6666। |
2. प्रमुख कर्तव्य और जिम्मेदारियां
चुनाव नियमों के अनुसार, प्रत्येक अधिकारी के कार्यों को स्पष्ट रूप से विभाजित किया गया है ताकि मतदान के दिन किसी भी भ्रम की स्थिति न रहे:
- रिटर्निंग अधिकारी (RO):
- वह संबंधित पंचायत सर्किल के लिए निर्वाचन के अधीक्षण और पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार है 777।
- यदि कोई मतदान कर्मी अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित होता है, तो वह उसके स्थान पर किसी अन्य की नियुक्ति कर सकता है 8।
- पंचायत सर्किल के सभी मतदान दलों के कार्यों की निगरानी करना उनका मुख्य दायित्व है 9。
- मतदान अधिकारी (PO):
- पंचायत चुनाव में मतदान अधिकारी ही मतदान बूथ के पीठासीन अधिकारी (Presiding Officer) के रूप में कार्य करता है 10।
- बूथ पर व्यवस्था बनाए रखना और नियमों के अनुसार मतदान संपन्न कराना उसकी जिम्मेदारी है 11।
- पर्दानशीन महिला मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए वह स्थानीय महिला कर्मचारी की सहायता ले सकता है 12।
- सहायक मतदान अधिकारी (APO):
- ये अधिकारी सीधे मतदान अधिकारी के निर्देशन में कार्य करते हैं 13।
- मतदाता पहचान पत्र की जांच करना, अमिट स्याही लगाना और मतदाता रजिस्टर में प्रविष्टि जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का निष्पादन इनके द्वारा किया जाता है 14।
3. तैनाती के विशेष नियम
- वरिष्ठता का सम्मान: चुनाव ड्यूटी के दौरान किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को उसके कनिष्ठ (Junior) के अधीन नहीं लगाया जाएगा 15।
- निष्पक्षता हेतु प्रतिबंध: कोई भी कर्मचारी उस पंचायत समिति क्षेत्र में तैनात नहीं किया जाएगा जहाँ का वह निवासी है या जहाँ वह वर्तमान में पदस्थ है 16।
- मिक्स-अप फॉर्मूला: स्वतंत्र चुनाव के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलाकर (Mix-up) दल बनाए जाएंगे 17।
- प्रशिक्षण: मतदान दलों को दो बार अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाएगा—एक निर्धारित तिथि पर और दूसरा रवानगी के दिन 18。
- रिजर्व फोर्स: किसी भी आपात स्थिति या पुनर्मतदान से निपटने के लिए जिला या ब्लॉक स्तर पर 10% मतदान दलों को आरक्षित रखा जाएगा 19।



