महंत गणेशनाथ जी के सानिध्य में समाज ने लिया संकल्प, कहा- “शिक्षा ही उन्नति का एकमात्र मार्ग, आर्थिक तंगी नहीं बनेगी प्रतिभाओं की बाधा”
जालोर/रानीवाड़ा। शिक्षा ही वह एकमात्र मशाल है जो समाज के अंधेरे को दूर कर उजालों की ओर ले जा सकती है। इसी ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए, मेघवाल समाज रानीवाड़ा ने रविवार को एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पहल की है। निर्माणाधीन बालिका छात्रावास परिसर में आयोजित समाज की विशाल बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बेटियों के बाद अब बेटों के सुनहरे भविष्य के लिए उपखंड स्तर पर एक भव्य ‘मेघवाल समाज बालक छात्रावास’ का निर्माण किया जाएगा।

संत सानिध्य में समाज एकजुट बैठक की अध्यक्षता शिवनाथपुरा (सांचौर) के महंत श्री गणेशनाथ जी महाराज ने की। उनकी गरिमामयी उपस्थिति में समाज के पंच-पटेलों, अधिकारियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और किसान बंधुओं ने एक जाजम पर बैठकर समाज के शैक्षणिक उत्थान का संकल्प लिया। बैठक में पिछले दिनों संगठन द्वारा किए गए कार्यों और आय-व्यय का पारदर्शी ब्यौरा भी प्रस्तुत किया गया।
बाबा साहेब के सपनों को मिल रही उड़ान मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में महंत श्री गणेशनाथ जी महाराज ने कहा कि समाज का यह कदम बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों को साकार करने जैसा है। उनका सपना था कि समाज का अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी शिक्षित हो। महंत जी ने कहा, “छात्रावास केवल ईंट-पत्थर की इमारत नहीं, बल्कि समाज की तरक्की की नींव है। पंचों और भामाशाहों के सहयोग से आज हम उस दिशा में बढ़ रहे हैं जहाँ हमारा समाज, परिवार और देश सशक्त बनेगा।”
प्रतिभाओं के लिए ‘संजीवनी’ बनेगा छात्रावास बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों और धन के अभाव में कई सपने दम तोड़ देते हैं।
- आर्थिक संबल: महंगें शहरों में रहने-खाने का खर्च न उठा पाने के कारण कई होनहार बच्चे उच्च शिक्षा छोड़ देते हैं। यह छात्रावास ऐसे गरीब और दूरदराज के छात्रों के लिए वरदान साबित होगा।
- करियर निर्माण: छात्रावास में केवल रहने की व्यवस्था नहीं होगी, बल्कि यहाँ उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- मार्गदर्शन: प्रतिवर्ष छात्रों के लिए करियर गाइडेंस सेमिनार आयोजित होंगे ताकि वे प्रशासनिक सेवाओं और उच्च पदों तक पहुँच सकें।
उमड़ा जनसैलाब, दिखा उत्साह इस महत्वपूर्ण बैठक में आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में समाजबंधु पहुंचे। सभी ने हाथ उठाकर बालक छात्रावास निर्माण के प्रस्ताव का समर्थन किया। समाज के प्रबुद्ध जनों ने माना कि यदि युवा शिक्षित होगा, तो समाज की कुरीतियां अपने आप समाप्त हो जाएंगी और विकास का नया सूर्योदय होगा।



