ऑपरेशन विषयुग्म के तहत एटीएस (ATS) और एएनटीएफ (ANTF) की संयुक्त टीमों ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया; मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान तक फैले नशे के कारोबार की जड़ें हिलाईं
प्रमुख बिंदु
- ATS और ANTF की संयुक्त टीमें ऑपरेशन “विषयुग्म” में सक्रिय होकर सीमापार नशे के जाल को ध्वस्त करने में सफल।
- कुल ₹45,000 के इनामी दो प्रमुख आरोपी गिरफ्तार — पहले पर ₹25,000 और दूसरे पर ₹20,000 का इनाम।
- कार्रवाई का नेतृत्व: विकास कुमार, पुलिस महानिरीक्षक (ATS), जयपुर।
- ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय स्तर की तस्करी, नेटवर्किंग और कोड-आधारित आपूर्ति चैन का खुलासा।
लीड
राजस्थान पुलिस की दो विशेष इकाइयाँ — एटीएस (ATS) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) — ने संयुक्त रूप से चलाए गए ऑपरेशन विषयुग्म में बड़ी सफलता हासिल की। सीमापार से भारत में हेरोइन लाने वाले एक मुख्य सूत्रधार और मध्यप्रदेश-गुजरात-राजस्थान में खेप आपूर्ति करने वाले दूसरे कुख्यात तस्कर को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी लंबे समय से वांछित थे और कुल ₹45,000 के इनामी घोषित थे।
पहला आरोपी — सीमापार नेटवर्क का सूत्रधार (नाम गोपनीय)
- इनाम ₹25,000, निवासी सातलिया, बीजावल (थाना गड़रा रोड, जिला बाड़मेर)।
- सीमा पार से हेरोइन पैकेट रिसीव कर पंजाब व दिल्ली के सरगनाओं तक पहुंचाने का काम।
- हर पैकेट पर लगभग ₹1 लाख कमीशन मिलता था।
- पाकिस्तान से रिश्तेदारी का नेटवर्क, बुआ के संपर्क से तस्करी का सिलसिला शुरू।
- “कपड़ा आ गया है, सिलाई के पैसे लाओ” जैसे कोडवर्ड्स से संदेशों का आदान-प्रदान।
- ATS की तकनीकी टीम और मानवीय खुफिया स्रोतों की मदद से नीमराना औद्योगिक क्षेत्र से पकड़ा गया।
दूसरा आरोपी — जोगाराम उर्फ जोगेंद्र, बाड़मेर
- इनाम ₹20,000, पुत्र भगाराम, जाति जाट, निवासी बलदेव नगर, थाना रिको क्षेत्र, बाड़मेर।
- ANTF टीम द्वारा गिरफ्तार; पिछले 8 वर्षों से मेवाड़, मध्यप्रदेश और गुजरात तक नशे की खेप पहुँचाने में सक्रिय।
- रिफाइनरी प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद मजदूरों के बीच सप्लाई नेटवर्क बढ़ाया।
- तीन राज्यों में फैला कारोबार; स्कॉर्पियो गाड़ी में खेप ले जाता था, वही गाड़ी उसकी गिरफ्तारी का कारण बनी।
- गुजरात में व्यापार की आड़ में तस्करी, लंबे समय तक फरार रहने के बाद कल रात पकड़ा गया।
ऑपरेशन विषयुग्म — कार्रवाई की रूपरेखा
- ATS और ANTF की संयुक्त खुफिया टीमों द्वारा निगरानी और तकनीकी विश्लेषण।
- सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड और नेटवर्क ट्रेसिंग से पहचान स्थापित।
- दोनों राज्यों में समन्वित छापे और घेराबंदी कर गिरफ्तारी।
- स्थानीय पुलिस की मदद से सीमावर्ती क्षेत्रों में नेटवर्क की पहचान।
- पकड़े गए आरोपियों से और सप्लायरों तक पहुँचने के लिए पूछताछ जारी।
विकास कुमार का बयान (हाइलाइट)
विकास कुमार, पुलिस महानिरीक्षक (ATS), जयपुर ने कहा —
“नशे के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ ATS और ANTF की संयुक्त कार्रवाई निर्णायक रही है। यह सफलता टीमों के समन्वय, तकनीकी दक्षता और सतत खुफिया कार्य का परिणाम है।
एटीएस मुख्यालय में कार्रवाई में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।”
जनता के लिए अपील
- किसी भी अपराधी या नशा तस्करी से जुड़ी सूचना तत्काल साझा करें:
📞 ATS नियंत्रण कक्ष: 0141-2601583
📱 WhatsApp: 9001999070 - सूचना देने वाले की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।



