जोधपुर/सिरोही/जालोर। आज के दौर में जहाँ निजी हो या सरकारी, अस्पतालों में सिजेरियन ऑपरेशन की होड़ मची हुई है, वहीं फलोदी तहसील के छोटे से गाँव टेकरा के मूल निवासी डॉ. एस. एस. भाटी ने चिकित्सा जगत में एक ऐसी मिसाल कायम की है, जो न केवल प्रेरणादायक है बल्कि डॉक्टरों के लिए एक बड़ा सबक भी है। जटिल से जटिल प्रसव केसों को सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) में सफलतापूर्वक बदल कर डॉ. भाटी ने एक नहीं, बल्कि तीन-तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, जो उनकी अद्भुत विशेषज्ञता और मानव सेवा के प्रति उनके समर्पण को दर्शाते हैं।

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्वर्णिम अक्षरों में नाम:
डॉ. एस. एस. भाटी (जन्म 5 फरवरी, 1969) का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। उन्होंने चिकित्सा की दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण, एनेनसेफली डिलीवरी (Anencephaly delivery) के सर्वाधिक केस एक माह में सफलतापूर्वक करवाए। मई 2016 में, जालोर के जसवंतपुरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में ब्लॉक चीफ मेडिकल ऑफिसर के तौर पर, उन्होंने एक महीने (1 मई से 31 मई, 2016) के दौरान ऐसे 11 कठिन प्रसव केसों को सफलतापूर्वक नॉर्मल डिलीवरी के रूप में संपन्न कराकर एक राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया। यह आंकड़ा उनकी असाधारण क्षमता और प्रसव प्रबंधन में उनकी कुशलता का प्रमाण है।

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और वज्र वर्ल्ड रिकॉर्ड्स:
डॉ. भाटी की विशेषज्ञता केवल जटिल प्रसव तक सीमित नहीं है। उन्होंने सामान्य प्रसव के मामलों में भी पूरे भारत में कीर्तिमान बनाया है। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और वज्र वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, डॉ. एस. एस. भाटी ने एक वर्ष की अवधि में (1 अप्रैल 2013 से 31 मार्च 2014 तक) सिरोही जिले के रेवदर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 3066 प्रसव केस सफलतापूर्वक पूरे करवाए, जो कि एमबीबीएस डॉक्टर द्वारा एक वर्ष में किए गए सबसे अधिक प्रसव केस का एक विश्व रिकॉर्ड है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि उन्होंने किस समर्पण और अथक परिश्रम से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत बनाया।

प्रीवियस सिजेरियन की नॉर्मल डिलीवरी में बेजोड़:
सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि डॉ. भाटी उन महिलाओं की भी सफलतापूर्वक नॉर्मल डिलीवरी करवाते हैं, जिनकी पहली डिलीवरी सिजेरियन ऑपरेशन से हुई हो। यह चुनौती आज के दौर में अधिकांश स्त्री रोग विशेषज्ञ लेने से कतराते हैं, लेकिन डॉ. भाटी इस क्षेत्र में भी देश भर में बेजोड़ माने जाते हैं।
प्रेरणा का स्रोत – सर्कल न्यूज़ नेटवर्क:
डॉ. एस. एस. भाटी का यह प्रेरणादायक सफर यह साबित करता है कि सच्ची निष्ठा और प्रयास से जटिल से जटिल कार्य भी सफल हो सकते हैं। जहाँ सुविधा और लाभ को प्राथमिकता दी जा रही है, वहाँ डॉ. भाटी का यह रिकॉर्ड उन सभी डॉक्टरों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है कि वे सिजेरियन ऑपरेशन को अंतिम विकल्प मानें और सामान्य प्रसव को ही पहली प्राथमिकता दें।
सर्कल न्यूज़ नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. भाटी ने वास्तव में चिकित्सा जगत में एक अमिट छाप छोड़ी है और साबित कर दिया है कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं।



