जयपुर, राजस्थान: केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जयपुर का दौरा किया। उन्होंने ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना के तहत चल रहे रेलवे के पुनर्विकास कार्यों का जायजा लिया और कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिससे जयपुर के रेल नेटवर्क को नई गति मिलने की उम्मीद है।
खातीपुरा स्टेशन से शुरू हुआ दौरा
वैष्णव ने सुबह एक स्पेशल ट्रेन से रेवाड़ी-खातीपुरा रेल खंड का निरीक्षण किया। इस दौरान वे खातीपुरा स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने बन रहे ट्रेन मेंटेनेंस शेड के मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए इस शेड की विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर जयपुर सांसद मंजू शर्मा और सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे।

वंदे भारत को मिला नया शेड
रेल मंत्री ने जयपुर के कोच केयर कॉम्प्लेक्स में वंदे भारत और अन्य ट्रेनों के रखरखाव के लिए बने एक नए शेड का उद्घाटन किया। उन्होंने यहां 4 टियर प्लेटफॉर्म का निरीक्षण किया और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किए गए टॉयलेट और ब्रेक वैन मॉडीफिकेशन का भी जायजा लिया।
हेरिटेज को ध्यान में रखकर हो रहा विकास
वैष्णव ने जयपुर स्टेशन के दूसरे प्रवेश द्वार पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि यह जयपुर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि बीकानेर-दिल्ली और जोधपुर-दिल्ली के बीच जल्द ही वंदे भारत ट्रेनें शुरू होंगी। इसके अलावा, जैसलमेर और दिल्ली के बीच एक ओवरनाइट ट्रेन भी जल्द ही शुरू की जाएगी।
उन्होंने जयपुर के आसपास के स्टेशनों जैसे गांधीनगर और खातीपुरा के नाम में ‘जयपुर’ जोड़ने का प्रस्ताव दिया और कहा कि स्थानीय लोग इस पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने और शहर के रेल फाटकों को खत्म कर अंडरपास और रोड ओवर ब्रिज बनाने के निर्देश भी दिए।
जयपुर के बाद, उन्होंने गांधीनगर रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जयपुर की स्थापत्य कला और हेरिटेज को ध्यान में रखकर स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किए गए इस कार्य का उद्घाटन भी जल्द ही किया जाएगा।
इस दौरे के दौरान, उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ, मंडल रेल प्रबंधक रवि जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



