जालोर/सांचौर। जालोर पुलिस ने सरकारी पावर हाउस से ट्रांसफार्मर चुराकर उनकी तांबा और कॉइल बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सांचौर और रानीवाड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना सहित 9 शातिर पेशेवर चोरों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई एक अर्टिका कार भी जब्त की है। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अब तक जालोर, सिरोही, बाड़मेर, पाली और उदयपुर जिलों के विभिन्न स्थानों पर कुल 11 वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। यह कार्रवाई जालोर जिला पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह इंदोलिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आवड़दान रतनू और पुलिस उप अधीक्षक रवि मीणा के निकट मार्गदर्शन में सांचौर थानाधिकारी नेमाराम के सुपरविजन में चलाई जा रही विशेष धरपकड़ अभियान के तहत की गई।
दीवार तोड़कर घुसे थे स्टोर में, 15 किलोमीटर पैदल पीछा कर दबोचा
5 जून 2026 की रात को सांकड़ डिस्कॉम के सहायक अभियंता पुनीत दर्जी ने सांकड़ पुलिस चौकी प्रभारी को मोबाइल पर सूचना दी कि अज्ञात चोरों ने स्टोर की दीवार तोड़कर और पत्थर हटाकर अंदर प्रवेश किया है और ट्रांसफार्मर चोरी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही सांकड़ चौकी प्रभारी और रानीवाड़ा थानाधिकारी की टीमों ने इलाके में विशेष नाकाबंदी करवाई।
तड़के करीब 04:00 बजे जीएसएस सांकड़ पर तैनात ड्यूटी स्टाफ हीराराम चौधरी ने स्टोर में 7-8 अज्ञात चोरों को घुसते देखा था। चोरों ने वहां रखे 09 सरकारी ट्रांसफार्मरों को क्षतिग्रस्त कर उनके अंदर से कीमती कॉपर, कॉइल, नट-बोल्ट और करीब 70 किलोग्राम जली हुई कॉपर वाइंडिंग चुरा ली थी। चोर इस सारे माल को एक सफेद रंग की अर्टिका कार (नंबर RJ-09-TA-3089) में लादकर फरार हो गए थे।
नाकाबंदी के दौरान रानीवाड़ा पुलिस ने पाल मोजा की सरहद पर संदिग्ध अर्टिका कार को रुकने का इशारा किया, तो कार सवार भागने लगे। पुलिस टीम ने मुस्तैदी से 10 किलोमीटर तक पीछा कर लाछीवाड़ में कार सहित आरोपी परुलाल और शानू को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने 6 अन्य साथियों के सांकड़ सरहद में खेतों की तरफ भागने की जानकारी दी। इस पर सांकड़ चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह मय जाब्ता चोरों की तलाश में निकले और दोनों थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने सुरता की झाड़ियों में भाग रहे शेष 6 आरोपियों का करीब 15 किलोमीटर तक पैदल पीछा कर उन्हें राउंडअप किया। वहीं गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड मोहम्मद नदीम हुसैन को चित्तौड़गढ़ पुलिस के सक्रिय सहयोग से घेराबंदी कर चित्तौड़गढ़ से दस्तयाब कर गिरफ्तार किया गया।
इस संबंध में पुनीत दर्जी की रिपोर्ट पर सांचौर थाने में मुकदमा संख्या 248/2026 धारा 305(इ), 331(4), 61(1)(ख) बीएनएस 2023 और 136(1)(ख) विद्युत अधिनियम 2003 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान सांकड़ चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह के सुपुर्द किया गया।
चोरी का तरीका: कबाड़ गोदाम की आड़ में बना रखा था सिंडिकेट
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद नदीम हुसैन चित्तौड़गढ़ में कबाड़ का गोदाम संचालित करता है। इसी की आड़ में उसने एक संगठित सिंडिकेट बना रखा था। यह गिरोह अलग-अलग टीमें बनाकर राजस्थान और सीमावर्ती राज्यों में सरकारी पावर हाउसों (जीएसएस) की रेकी करता था। लोकेशन फाइनल होने पर नदीम गिरोह को वाहन, औजार और एडवांस रकम उपलब्ध कराता था। चोरी के बाद माल को ठिकाने लगाने और आरोपियों को वित्तीय व कानूनी मदद (जमानत आदि) देने का काम भी नदीम ही करता था। गिरोह के सदस्यों के बीच पैसों के लेनदेन के लिए ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों का पूरा नाम और पता
- मोहम्मद नदीम हुसैन पुत्र हनीफ हुसैन (जाति भिश्ती), उम्र 27 साल, निवासी: भैंसरोड स्टैंड के पास, चित्तौड़गढ़ (मुख्य सरगना व कबाड़ गोदाम संचालक)।
- परुलाल (फत्तूलाल) पुत्र लालूराम जाति जोगी, उम्र 48 साल, निवासी: वागपुरा, जिला उदयपुर (रेकी और लोकेशन एक्सपर्ट)।
- विजयसिंह पुत्र शंकरसिंह जाति राजपूत, उम्र 19 साल, निवासी: एल्विस स्कूल के पास, जिला चित्तौड़गढ़।
- अल्ताफ खां पुत्र शेखइनायत जाति शेख मुसलमान, उम्र 32 साल, निवासी: सतखंडा, थाना शंभूपुरा, जिला चित्तौड़गढ़।
- अनिल साठिया पुत्र भंवरलाल साठिया, उम्र 30 साल, निवासी: मोरजवरी आईटीआई कॉलेज के पीछे, हाल चंद्रलोक टॉकीज के सामने, चित्तौड़गढ़ कोतवाली।
- विकास पुत्र भैरव जाति भील, उम्र 24 साल, निवासी: ईश्वर नगर, रतलाम, थाना दीनदयाल नगर (मध्य प्रदेश)।
- सद्दाम हुसैन पुत्र बाबूशाह जाति शाह मुसलमान, उम्र 28 साल, निवासी: कच्ची बस्ती, बज्जू जेल के पास, थाना सदर चित्तौड़गढ़।
- शानु जोन (शानू खान पठान) पुत्र रज्जाक खां, उम्र 41 साल, निवासी: गांधीनगर मौलतगरी, जिला चित्तौड़गढ़।
- शैरू पुत्र भैरवलाल जाति बागरिया, उम्र 25 साल, निवासी: दरगाह के पीछे, वार्ड नंबर 01, कपासन, जिला चित्तौड़गढ़।
रिमांड के दौरान कबूलीं ये 11 अन्य वारदातें
आरोपियों को न्यायालय में पेश कर हासिल किए गए पुलिस रिमांड के दौरान गहन पूछताछ में उन्होंने पिछले 12 महीनों में अलग-अलग जिलों में 11 अन्य चोरियां करना स्वीकार किया है:
- रानीवाड़ा क्षेत्र: करीब 12 महीने पहले ट्रांसफार्मर से कॉपर और माल चोरी किया।
- रानीवाड़ा क्षेत्र (दोबारा): करीब 6 महीने पहले इसी क्षेत्र में पुनः चोरी की वारदात की।
- रेवदर क्षेत्र (सिरोही): करीब 1 वर्ष पहले विद्युत सामग्री और ट्रांसफार्मर चोरी किए।
- सांकड़ क्षेत्र: वर्तमान वारदात से पहले, करीब 6 महीने पहले भी इसी क्षेत्र से माल पार किया था।
- आहोर क्षेत्र (जालोर): करीब 8 महीने पहले ट्रांसफार्मर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
- नाना क्षेत्र (पाली): करीब 7-8 महीने पहले पावर हाउस/स्टोर में सेंधमारी की।
- सायला क्षेत्र: करीब 1 महीने पहले ट्रांसफार्मर तोड़कर कॉपर चोरी किया।
- गोगुंदा क्षेत्र (उदयपुर): करीब 1 वर्ष पहले जीएसएस/स्टोर से कीमती तांबा और सामान चुराया।
- अन्य क्षेत्र: करीब 4-5 महीने पहले एक अन्य स्थान पर वारदात करना स्वीकार किया।
- सुमेरपुर क्षेत्र (पाली): करीब 8 महीने पहले सुमेरपुर इलाके से 375 केवी का एक बिजली टावर काटकर चोरी किया।
- रामजी का गोल (बाड़मेर): करीब 8 महीने पहले ट्रांसफार्मर और तांबा चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
बरामदगी का विवरण
- वारदात में इस्तेमाल सफेद रंग की अर्टिका कार (नंबर RJ-09-TA-3089) जब्त की गई है।
- ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और फंडिंग से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
- नोट: वर्तमान वारदात और पुरानी वारदातों से संबंधित चोरी गए माल और तांबे की बरामदगी के लिए पुलिस के सघन प्रयास जारी हैं। आरोपियों से पूछताछ कर माल खरीदने वाले कबाड़ियों के नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
चोरी के सिंडिकेट को ध्वस्त करने वाली पुलिस टीमें
रानीवाड़ा पुलिस टीम:
जीतसिंह, मोहम्मद लाल, रामनिवास, जोगाराम, पुनमाराम, सोहनलाल, जगदीश कुमार, सुरेश कुमार, बुधाराम (सरकारी वाहन चालक)।
सांचौर पुलिस (सांकड़ चौकी) टीम:
सुरेंद्र सिंह, मोहनलाल, पृथ्वीसिंह, सेवाराम, राजूसिंह, मनोहरलाल, जयंतीलाल, रूघाराम (सरकारी वाहन चालक), केलम (महिला कांस्टेबल)।







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