सिद्धार्थ सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित शिविर बना मिसाल; 21 युवाओं ने पहली बार किया रक्तदान, संकल्पित हुए 10 से अधिक नए योद्धा।
यादों को दी सेवा की नई पहचान
सरनाऊ/जालोर। जब अपनों की यादों को सेवा के जज्बे से जोड़ दिया जाए, तो वह एक आंदोलन बन जाती है। सरनाऊ पंचायत समिति मुख्यालय पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहाँ शिक्षक आसुराम जी गुलसर की आठवीं पुण्यतिथि पर सिद्धार्थ मेडिकल एवं सिद्धार्थ सेवा संस्थान द्वारा एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर केवल रक्त एकत्र करने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर छिपी मानवीय संवेदनाओं को जगाने का एक महा-मंच साबित हुआ, जहाँ पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था।

संकल्प से सिद्धि तक
एक पुनीत शुरुआत और कार्यालय का शुभारंभ संस्थान के सचिव दशरथ गुलसर ने बताया कि उनके पिता, शिक्षक आसुराम जी गुलसर के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए इस शिविर को आयोजित किया गया। इसी पावन अवसर पर सरनाऊ क्षेत्र में नए कार्यालय का भी विधिवत शुभारंभ हुआ। शिविर का उद्घाटन गणेश शिव मठ सांचोर के महंत बलदेव नाथ महाराज, बौद्ध भंते डॉ. सिद्धार्थ, चंदन सिंह गुन्दाऊ, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी रानीवाड़ा डॉ. गणपत चौधरी, बीसीएमओ डॉ. मानवेन्द्र सिंह बिश्नोई, सीबीओ भंवरलाल बिश्नोई और डॉ. महेन्द्र देवासी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
युवाओं का उत्साह: डर से साहस तक शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही 21 नए रक्तदाताओं का सामने आना। पहली बार रक्तदान करने वाले जयन्ती मांजू, बीरबल मांजू, हरचंद बुनकर, जगदीश गोदारा, हितेश एंकर, जबराराम गुलसर और पुष्पा देवी जैसे युवाओं ने कहा कि “रक्तदान करने का अनुभव अद्भुत है, अब मन से डर निकल गया है और आगे भी हम जरूरतमंदों की मदद करते रहेंगे।” शिविर में कुल 49 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इसके अलावा, 10 से अधिक युवाओं ने ‘इमरजेंसी रक्तदाता’ के रूप में शपथ ली कि जरूरत पड़ने पर वे तत्काल रक्तदान करेंगे।

महंत का संदेश: रक्तदान से बड़ा कोई पुण्य नहीं उद्घाटन के दौरान महंत बलदेव नाथ जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि, “रक्तदान एक ऐसा महादान है जिसमें कोई जाति-पाति नहीं होती, यह केवल जीवन बचाने का माध्यम है। इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता।”
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति: इस पुनीत कार्य में डॉ. बी. लाल और उनकी ब्लड बैंक टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर प्राचार्य भगराज बिश्नोई, मोहनलाल, कैलाश सारण, पूर्व डेलीगेट शंकर देवासी, महावीर सेठ, मांगीलाल गुलसर, जूठाराम देवासी, मोहन गुलसर और नरेश सारण समेत क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे।



