रानीवाडा के कागमाला गाँव की श्री जीवदया गौशाला में गायों की खराब दशा को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर जालोर से सुधार की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में प्रति गाय आने वाले सरकारी अनुदान के बावजूद, वहां पर्याप्त संख्या में गाय मौजूद नहीं हैं और न ही उनकी देखरेख हो रही है। इसके साथ ही, हरे चारे की अनुपलब्धता के चलते गायों की हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि ट्रस्ट की मनमर्जी के चलते गौशाला में उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ट्रस्ट के सदस्य जैन परिवार के हैं और गाँव में नहीं रहते, जिससे गायों की देखरेख नहीं हो पा रही है। पिछले 15 वर्षों से गायों के बैठने के लिए उचित स्थान की कमी के कारण जमीनी कीड़ों के कारण गायें दुर्बल हो रही हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मरी हुई गायों को खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है।
ग्रामीणों की माँग और प्रशासन से उम्मीद
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर जालोर, सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) रानीवाड़ा, और तहसीलदार रानीवाड़ा से इस समस्या का समाधान करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि गाँव के हित में सुधारात्मक कदम उठाए जाने की सख्त जरूरत है। ग्रामीणों ने गौशाला में बेहतर व्यवस्था और स्थानीय ट्रस्ट सदस्यों को शामिल करने की मांग रखी है। साथ ही, उन्होंने विश्वास जताया है कि प्रशासन उनकी समस्या का समाधान जरूर करेगा।
संभावित प्रभाव
ग्रामीणों की इस पहल से उम्मीद है कि गौशाला में गायों की दशा में सुधार होगा और उन्हें बेहतर देखरेख तथा सुविधाएं मिलेंगी। अब प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी हैं।



