जालोर | जिले के जसवंतपुरा थाना क्षेत्र के धूलिया गांव में गौवंश पर हुए जानलेवा हमले को लेकर उपजा जन-आक्रोश अब उग्र रूप लेता जा रहा है। घटना के 25 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों और साधु-संतों ने रानीवाडा उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखी नाराजगी जाहिर की है।
सर्कल न्यूज नेटवर्क के अनुसार, यह ह्रदय विदारक घटना 2 अप्रैल 2026 को सामने आई थी, जब धूलिया गांव में एक अज्ञात हमलावर ने बेसहारा गाय के पेट पर कुल्हाड़ी से जोरदार प्रहार कर दिया। हमले में गाय का पेट फट गया और वह लहूलुहान अवस्था में तड़पती हुई मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और पशु चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार किया। गंभीर हालत को देखते हुए गौवंश को श्री कृष्णा गौशाला भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने जटिल ऑपरेशन कर गाय की जान बचाई।
इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने शुरुआती दौर में तत्परता दिखाई, लेकिन पौने एक महीना बीतने को है और हमलावर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि आरोपी को राजनीतिक या सामाजिक संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण गिरफ्तारी में देरी हो रही है। इस ढुलमुल कार्यप्रणाली से आमजन की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
उपखंड अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि इस संवेदनशील प्रकरण को प्राथमिकता पर लेकर संबंधित थाना पुलिस को कड़े निर्देश दिए जाएं। ग्रामीणों और संतों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही दोषियों और उन्हें पनाह देने वालों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो क्षेत्र में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, पूरे जालोर जिले में इस घटना को लेकर तनाव और रोष का माहौल बना हुआ है।
धूलिया गांव में गौवंश पर हुए कुल्हाड़ी से हमले के 25 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है जिसे लेकर ग्रामीणों और संतों में भारी आक्रोश व्याप्त है। 2 अप्रैल को अज्ञात हमलावर ने गाय के पेट पर बेरहमी से वार किया था जिसके बाद गंभीर घायल गाय का श्री कृष्णा गौशाला में ऑपरेशन किया गया लेकिन अब तक कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने रानीवाडा एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।



