नई दिल्ली। भारत में उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। गृह मंत्रालय द्वारा वर्तमान उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की अधिसूचना जारी होने के बाद, भारत निर्वाचन आयोग ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने घोषणा की है कि चुनाव संबंधी सभी प्रारंभिक तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं और जल्द ही विस्तृत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
उपराष्ट्रपति चुनाव, 2025 को राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 और राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति निर्वाचन नियमावली, 1974 के तहत संपन्न कराया जाएगा। संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग को यह चुनाव कराने का अधिकार प्राप्त है।

चुनाव प्रक्रिया की प्रारंभिक तैयारियां युद्धस्तर पर
निर्वाचन आयोग ने बताया है कि चुनाव की घोषणा से पहले कई महत्वपूर्ण गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। इनमें सबसे प्रमुख निर्वाचक मंडल की तैयारी है। इस चुनाव में निर्वाचक मंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं। आयोग निर्वाचक मंडल की सूची को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
इसके साथ ही, रिटर्निंग ऑफिसर और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जो चुनाव प्रक्रिया के सुचारु संचालन के लिए जिम्मेदार होंगे। आयोग द्वारा सभी पूर्व उपराष्ट्रपति चुनावों पर पृष्ठभूमि सामग्री तैयार की जा रही है और उसका प्रसार किया जा रहा है, ताकि संबंधित अधिकारियों और हितधारकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके।
संवैधानिक प्रावधान और चुनाव का महत्व
उपराष्ट्रपति का पद भारतीय गणतंत्र में दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होते हैं, जिससे यह पद विधायी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों (निर्वाचित और मनोनीत) के एक निर्वाचक मंडल द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से होता है। मतदान गुप्त होता है।
इस महत्वपूर्ण पद के लिए चुनाव की घोषणा का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि यह देश की राजनीतिक स्थिरता और विधायी कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी तैयारियां पूरी होते ही चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा।
