सांचौर। धरने देने में प्रसिद्ध सांचौर की सरजमीं एक बार फिर से चर्चा में है। मौजूदा सरकार की ओर से सांचौर जिले के वजूद को समाप्त करने के विरोध में सांचौर में आज 33वें दिन भी धरना पूरे वैभव के साथ जारी रहा। धरने में पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई की लगातार मौजूदगी से धरनार्थियों में जोश देखा जा रहा है। आज प्रतापपुरा ग्राम पंचायत के लोगों ने सहयोग प्रदान की धरने में भाग लेकर ज्ञापन सौंपा। 3 फरवरी को अब हाडेतर के ग्रामीण भाग लेंगे।
पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई ने कहा की सांचौर जिला जो जालोर जिले से 145 किमी दूर व अंतिम गांव आकोड़िया रणखार से करीब 250 किमी दूर हैं। जबकि वर्तमान सरकार द्वारा कौनसे आधार पर जिलों को निरस्त किया गया कोई स्पष्ट नहीं हैं। सांचौर जिला बनने से जिला मुख्यालय नजदीक होने पर आमजन के लोगों के सभी जिले स्तर के कार्य जल्द होने लगे व आर्थिक बोझ भी ज्यादा नहीं रहा। वर्तमान की भाजपा सरकार सांचोर जिले को किस आधार पर निरस्त किया, हमने सम्पूर्ण सबूतों और साक्ष्यों के साथ कोर्ट में याचिका दायर की है। इसका न्यायपालिका निस्तारण करेगी। वर्तमान सरकार ने अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय बंद कर पुनः खोला है, एडीएम कार्यालय से धरना समाप्त नहीं करने वाले है। हमारा जिला घोषित नहीं होता है तब तक हम धरना समाप्त नहीं होगा।

इस मौके पर मोहम्मद शाह, किशनलाल देवासी ने संबोधित करते हुए कहा कि सांचोर जिले को किस आधार पर निरस्त किया, अगर निरस्त करने योग्य था तो फिर एडीएम कार्यालय केसे खोला। सांचोर जिला नहीं रखने का कारण है कि वर्तमान में सरकार में बैठे लोगो ने कोई पैरवी नहीं की। थोड़ी सी सही ढंग से पेरवी करते तो सांचोर जिला निरस्त नहीं होता। भाजपा सरकार सांचोर की जनता के साथ भेदभाव रवैया अपना रही है।
पीराराम देवासी फालना ने कहा कि सांचोर जिला सही मापदण्ड के तहत था। तब सांचोर को जिला बनाया था उन मापदंडो के आधार पर सभी नए जिले और संभाग बनाए थे। जिसको वर्तमान सरकार ने किस आधार पर निरस्त किया। यह सांचोर की जनता के साथ अन्यान किया है। सांचोर जिले को पुनः जिला बनाकर रहेंगे। किसी भी लोक कल्याणकारी सरकार की जिम्मेदारी बनती हैं कि जनहित में लिए गए निर्णय किसी भी सरकार ने लिए हो प्रत्येक आने वाली सरकारे उन कार्याे को आगे बढाती हैं परन्तु वर्तमान भाजपा सरकार ने पिछले डेढ साल से व्यवस्थित तरीके से चल रहे सांचौर जिले को निरस्त कर बहुत बड़ी भूल की हैं।
केशा राम मेहरा ने कहा कि हम उसकी कड़ी निंदा करते हैं। ऐसी स्थिति में हम ज्ञापन के जरिये आपको सूचित करते हैं कि जब तक जिला पुनः घोषित नहीं होता हैं तब तक हमारा धरणा जारी रहेगा। 29 दिसम्बर 2024 से आज 31 जनवरी 2025 को 34 वें दिन ग्राम पंचायत प्रतापपुरा पंचायतवासियों ने धरने में अपनी उपस्थिति दी। जिसमें सांचोर बार हाकिम शाह, देवाराम भील, जयराम सुथार पालडी, शम्भुराम भील, सुल्तान शाह, रवाराम गर्ग, नारायण मेघवाल, भरत भाटिया विरोल, छगनलाल मेघवाल, रमेश देवासी बड्सम, अमलू राम सारण, दिनेश सारण, वागाराम सारण, किशनलाल लोल, सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजुद रहें।







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