महानरेगा के नियमों में बदलाव के खिलाफ उतरी कांग्रेस; गोलासन, गरढाली और पहाड़पुरा में कार्यकर्ताओं से संवाद कर आंदोलन की बनाई रणनीति
सांचौर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार सांचौर विधानसभा क्षेत्र में मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। रविवार को पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई के नेतृत्व में क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सघन जनसम्पर्क किया गया।
मनरेगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ का विरोध
कांग्रेस कार्यालय से जारी प्रेसनोट के अनुसार, यूपीए सरकार द्वारा 2005 में लागू किया गया महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है। सुखराम विश्नोई ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा नया कानून लाकर इस ढांचे को कमजोर किया जा रहा है।

विरोध के मुख्य बिंदु:
- मजदूरी में कटौती: केंद्र के अंशदान को 90% से घटाकर 60% करना राज्यों और श्रमिकों पर अतिरिक्त बोझ है।
- अधिकारों का हनन: काम की वैधानिक गारंटी को समाप्त कर निर्णय प्रक्रिया का केंद्रीकरण किया जा रहा है।
- नाम बदलना: योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना श्रम की गरिमा और ग्राम स्वराज के मूल्यों का अपमान है।
- पंचायतों को नुकसान: ग्राम सभाओं और पंचायतों की शक्तियों को कम किया जा रहा है।
इन गांवों में हुआ जनसम्पर्क
रविवार को सुखराम विष्नोई ने अपनी टीम के साथ गोलासन, गरढाली, पहाड़पुरा और अगार गांवों का दौरा किया। इस दौरान बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों को केंद्र सरकार के नए विधेयक के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आंदोलन के तहत जिला, ब्लॉक और पंचायत मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपकर नए विधेयक को वापस लेने और मनरेगा को पुराने स्वरूप में बहाल करने की मांग की जाएगी।

ये रहे मौजूद
जनसम्पर्क के दौरान दरगाराम मेघवाल गोलासन, लीलाराम, भगाराम मेघवाल, मोहम्मद शाह, देवाराम भील गरडाली, किशनलाल चौधरी प्रतापपुरा, हंजारीराम मेघवाल, सुमेरसिंह राजपूत पहाड़पुरा, मसराराम गर्ग, दुदाराम मेघवाल अगार सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आगामी कार्यक्रम: कल का जनसम्पर्क शेड्यूल (19 जनवरी 2026)
समय स्थान (गांव) दोपहर 01:00 बजे डडुसन दोपहर 02:00 बजे बावरला सायं 03:00 बजे किलवा सायं 04:00 बजे वासन चौहान
सर्कल न्यूज कमेंट्री: मनरेगा सांचौर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीवनदान समान है। ऐसे में कांग्रेस का यह आंदोलन जमीनी स्तर पर बड़ी चर्चा का विषय बन रहा है। अब देखना यह है कि इस जन आंदोलन का केंद्र सरकार के रुख पर क्या असर पड़ता है।







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