रानीवाड़ा के वात्सल्यधाम में न्यायिक अधिकारियों का अनूठा दौरा; बच्चों की दिनचर्या जानी और भविष्य को लेकर बंधाया ढांढस।
रानीवाड़ा: स्वामी श्री आत्मानंद सेवा संस्थान द्वारा संचालित वात्सल्यधाम में मंगलवार को विशेष और प्रेरणादायी माहौल देखने को मिला। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बन्ना लाल जाट और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सह अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उमेश वीर ने अचानक इस संस्थान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों का यह दौरा केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर उनके अभिभावक की तरह स्नेह लुटाया।

बच्चों से सीधा संवाद और शिक्षा की परख
निरीक्षण के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बन्ना लाल जाट ने वात्सल्यधाम में रह रहे बच्चों से सीधे संवाद किया। उन्होंने एक-एक बच्चे के पास जाकर उनकी पढ़ाई, दैनिकचर्या, खान-पान और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के न्यायाधीश महोदय को अपनी दिनचर्या और सपनों के बारे में बताया, जिसे सुनकर अधिकारी भी गदगद नजर आए।

पौधे रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम के अगले चरण में, न्यायाधीशगण ने वात्सल्यधाम परिसर में औषधीय और छायादार पौधे रोपे। प्रकृति प्रेम का यह संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पौधे लगाना जितना जरूरी है, उनकी सार-संभाल उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। न्यायाधीशों के साथ-साथ संस्थान के कर्मचारियों ने भी इन पौधों को अपने बच्चों की तरह सींचने और उन्हें बड़े वृक्ष के रूप में विकसित करने का दृढ़ संकल्प लिया।
संस्थान निदेशक ने दी गतिविधियों की जानकारी
इससे पहले, जिला एवं सत्र न्यायाधीश के वात्सल्यधाम आगमन पर संस्थान के निदेशक अमृत पुरोहित ने पारंपरिक तरीके से साफा पहनाकर और स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया। श्री पुरोहित ने संस्थान के जरिए चलाई जा रही विभिन्न सेवा-परियोजनाओं, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उपलब्ध कराई जा रही आवासीय और शैक्षणिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर हॉस्टल वार्डन डिम्पल आचार्य, ऋषभ आचार्य, भंवरलाल गोयल, केराराम चौधरी, सुरेश कुमार रावल, प्रीतम राजपुरोहित और विनोद कंवर सहित पूरा संस्थान स्टाफ और बच्चे मौजूद रहे।









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