रानीवाड़ा खुर्द। सरकारी इमारतें तो जनता की सुविधा और समस्याओं के निस्तारण के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन जब वही इमारतें शोपीस बन जाएँ और जिम्मेदार अधिकारी नदारद रहें, तो आम जनता को कैसा आक्रोश झेलना पड़ता है, इसका नजारा गुरुवार को रानीवाड़ा खुर्द में देखने को मिला। गाँव में पटवारी भवन की भव्य इमारत तो बनकर तैयार खड़ी है, लेकिन पटवारी साहब की नियमित उपस्थिति न होने से परेशान आक्रोशित ग्रामीणों ने एक बेहद अनूठा और तीखा विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया।
पटवारी भवन परिसर में एकत्रित हुए समस्त ग्रामवासियों ने परिसर के बाहर 'गुमशुदा पटवारी भवन' का बड़ा बैनर लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं, सोए हुए प्रशासनिक तंत्र को जगाने और जिम्मेदार अधिकारियों को सद्बुद्धि देने के लिए ग्रामीणों ने बकायदा पूजा-अर्चना कर अनोखा सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया। ढोल-नगाड़ों और पूजा की थाली के साथ किए गए इस शांतिपूर्ण पर करारे प्रदर्शन को जिसने भी देखा, वह हैरान रह गया।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सर्कल न्यूज़ नेटवर्क को बताया कि कहने को तो यहाँ पटवारी भवन बन चुका है, लेकिन पटवारी साहब के दर्शन दुर्लभ हो चुके हैं। इसके चलते सबसे ज्यादा मार किसानों और विद्यार्थियों पर पड़ रही है। किसानों को गिरदावरी और नामांतरण जैसे जरूरी राजस्व कार्यों के लिए रोजाना चक्कर काटने पड़ रहे हैं, वहीं समय पर काम न होने से वे सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। दूसरी ओर, युवाओं और छात्र-छात्राओं को जाति, मूल निवास तथा अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना ड पड़ रहा है।
लगातार प्रशासनिक अनदेखी और दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके ग्रामीणों का सब्र आखिर टूट गया और उन्हें मजबूरी में यह अनोखा रास्ता अख्तियार करना ड पड़ा। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन से माँग की है कि रानीवाड़ा खुर्द पटवारी भवन में पटवारी के बैठने के दिन और समय को तुरंत निश्चित किया जाए तथा भवन के बाहर स्पष्ट शब्दों में इसका सूचना बोर्ड लगाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।











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