जसवंतपुरा के राजकीय जनजाति बालिका आवासीय विद्यालय में आयोजित हुआ विशेष स्वास्थ्य शिविर, बालिकाओं की हुई हीमोग्लोबिन और ब्लड ग्रुप की जांच।
जसवंतपुरा: ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और बालिकाओं को सेहत के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कालमा फाउंडेशन ने एक सराहनीय पहल की है। स्थानीय प्रशासन और विद्यालय परिवार के सहयोग से राजकीय जनजाति बालिका आवासीय विद्यालय, जसवंतपुरा में एक विशाल निःशुल्क रक्त जांच शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान विद्यालय में अध्ययनरत सभी बालिकाओं के स्वास्थ्य का बारीकी से परीक्षण किया गया, जिसमें विशेष रूप से हीमोग्लोबिन (एचबी) स्तर और ब्लड ग्रुप की जांच की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में खून की कमी (एनीमिया) जैसी समस्याओं की समय रहते पहचान करना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना था।

स्वास्थ्य जागरूकता और मार्गदर्शन
जांच प्रक्रिया के साथ-साथ शिविर में मौजूद विशेषज्ञों और फाउंडेशन के सदस्यों ने बालिकाओं को संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा किशोरावस्था में खान-पान और सेहत का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि शारीरिक विकास में कोई बाधा न आए। निःशुल्क जांच की इस सुविधा मिलने से विद्यालय की छात्राओं और उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
गणमान्य अतिथियों और स्टाफ की रही सक्रिय उपस्थिति
इस गरिमामयी आयोजन के दौरान कालमा फाउंडेशन के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार का पूरा सहयोग रहा। इस अवसर पर:
- प्रधानाचार्य: श्री रमेशा राम राणा
- वार्डन: कविता मीणा
- स्टाफ सदस्य: दिनेश कुमार राणा, दिनेश कुमार मेघवाल, हरीश राणा, अनीता राणा, ममता राणा, ढफी देवी, फूली देवी, काजल कुमारी, उषा कुमारी एवं महेंद्र कुमार ने अपनी सेवाएं दीं और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाया।
समाज सेवा का संदेश
कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी राम कमल राणा डूंगरी ने उपस्थितजन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान और विकास के लिए हर सक्षम नागरिक को आगे आकर अपनी सहभागिता निभानी चाहिए। ऐसे सामाजिक और स्वास्थ्य हितैषी आयोजन समाज की एक मजबूत नींव तैयार करते हैं।
विद्यालय परिवार ने कालमा फाउंडेशन और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य जांच शिविर बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य के लिए मील का पत्थर साबित होते हैं।









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