50 साल की मांग पर मुहर, अब माउंट आबू पहुंचेगा विकास
सिरोही।
पचास वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद सिरोही जिले को आखिरकार बहुप्रतीक्षित गुलाबगंज-माउंट आबू डबल लेन सड़क निर्माण की ऐतिहासिक सौगात मिल गई है। राजस्थान सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त सचिव ने 23 किमी लंबे इस सड़क मार्ग के लिए 205 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। यह सड़क केंद्रीय सड़क एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (CRIF) के तहत बनेगी, जिससे क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है।

सांसद लुंबाराम चौधरी की मेहनत रंग लाई
यह परियोजना क्षेत्रीय सांसद लुंबाराम चौधरी के सतत प्रयासों और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के सहयोग से संभव हो पाई है। सांसद चौधरी ने हर स्तर पर इस सड़क के लिए आवाज बुलंद की, जिसके परिणामस्वरूप केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की अनुशंसा पर 205 करोड़ का बजट स्वीकृत किया।
अब डीपीआर बनेगी, वन्य जीवों की सुरक्षा भी प्राथमिकता
- सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता रमेश बराडा के अनुसार, अब सड़क मार्ग की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- बजट आवंटन के बाद डीपीआर के टेंडर जारी होंगे, जिससे सड़क के वास्तविक मार्ग और तकनीकी पहलुओं का निर्धारण होगा।
- सड़क के निर्माण में वन्य जीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 28 पुल-पुलियों का प्रावधान रखा गया है, ताकि जीव-जंतु निर्बाध विचरण कर सकें और पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान पहुंचे।

माउंट आबू को मिलेगा वैकल्पिक मार्ग, पर्यटन और रोजगार को लगेगा पंख
- इस नई सड़क के बन जाने से माउंट आबू सीधे नेशनल हाईवे 62 से जुड़ जाएगा, जिससे सिरोही-माउंट आबू की दूरी 100 किमी से घटकर लगभग 55 किमी रह जाएगी।
- वर्तमान में माउंट आबू पहुंचने के लिए केवल आबूरोड मार्ग ही विकल्प है, जो बारिश में अक्सर बंद हो जाता है। नई सड़क से पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

निर्माण की राह में वन विभाग की एनओसी अंतिम पड़ाव
- डीपीआर तैयार होने के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग तीन प्रस्तावों में से एक को अंतिम रूप देगा और वन विभाग से एनओसी के लिए फाइल भेजेगा।
- वन विभाग से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा, जिससे क्षेत्र को बहुप्रतीक्षित सड़क की सौगात मिलेगी।



