ग्रामीणों का मिला भारी जनसमर्थन; ‘सेवा ही संकल्प’ के नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरे मकवाणा
रानीवाड़ा/कुड़ा। पंचायत समिति रानीवाड़ा की कुड़ा ग्राम पंचायत में आगामी पंचायती राज चुनावों का बिगुल बज चुका है। क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी गणेशाराम मकवाणा ने आधिकारिक रूप से सरपंच पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर चुनावी रण को रोचक बना दिया है। उनके निवास स्थान पर आयोजित कुड़ा और पाल गांव के ग्रामीणों की विशाल बैठक में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां ग्रामीणों ने उन्हें जीत का आशीर्वाद दिया।
6 वर्षों की सक्रियता और जनसेवा का मिला फल
गणेशाराम मकवाणा क्षेत्र के लिए कोई नया नाम नहीं हैं। वे पिछले 6 वर्षों से लगातार ग्राउंड जीरो पर सक्रिय रहकर ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बैठक में मौजूद बुजुर्गों और युवाओं ने एक स्वर में कहा कि गांव की गलियों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक, गणेशाराम हमेशा आमजन की आवाज बनकर खड़े रहे हैं।
बैठक की मुख्य बातें:
- भव्य स्वागत: कुड़ा और पाल गांव के प्रबुद्ध नागरिकों ने गणेशाराम की बेदाग छवि और गौभक्त के रूप में उनकी पहचान को देखते हुए उनकी उम्मीदवारी का पुरजोर स्वागत किया।
- अटूट भरोसा: ग्रामीणों ने “कंधा से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहने” और चुनाव में पूरी ताकत झोंकने का संकल्प लिया।
- विकास का विजन: मकवाणा ने ग्रामीणों के साथ अपनी भावी योजनाओं को साझा करते हुए पारदर्शिता और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।
“मेरा लक्ष्य राजनीति करना नहीं, बल्कि कुड़ा ग्राम पंचायत की जनता की सच्ची सेवा करना है। कुड़ा और पाल गांव में विकास की नई इबारत लिखना और हर ग्रामीण तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही मेरी प्राथमिकता है।” — गणेशाराम मकवाणा, सरपंच पद प्रत्याशी

बेदाग छवि बनाम चुनावी चुनौतियां
गणेशाराम मकवाणा की ताकत उनका मिलनसार स्वभाव और समर्पित समाज सेवा है। पिछले 6 वर्षों की उनकी मेहनत ने उन्हें जनता के बीच एक भरोसेमंद चेहरा बना दिया है। आज की बैठक में उमड़ा उत्साह इस बात का संकेत है कि कुड़ा पंचायत में इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। ग्रामीणों का झुकाव और ‘आशीर्वाद’ गणेशाराम के लिए चुनावी वैतरणी पार करने में संजीवनी साबित हो सकता है।



