बे-मौसम बारिश से हुए नुकसान के मुआवजे और बीमा फ्रॉड पर तुरंत कार्रवाई की मांग
रानीवाड़ा (सर्कल न्यूज़ नेटवर्क)। भारतीय किसान संघ (भाकिसं), तहसील रानीवाड़ा की ओर से बुधवार को किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। संघ ने बे-मौसम बारिश से हुए फसल नुकसान के मुआवजे और फसल बीमा को लेकर बैंकों द्वारा किए गए ‘धोखाधड़ी’ के मामलों पर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
बे-मौसम बारिश से फसलें खराब, मांगा मुआवजा
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग हाल ही में हुई बे-मौसम बारिश से किसानों को हुए भारी नुकसान पर थी। संघ ने बताया कि किसानों के खेतों में पकी हुई और कटी हुई फसलें रखी थीं, जिन पर बारिश का पानी गिरने से वे खराब हो गई हैं। भारतीय किसान संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि खराब हुई फसलों का शीघ्र सर्वे करवाया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए ताकि उन्हें आर्थिक संकट से राहत मिल सके।
मूंगफली खरीद के लिए पंजीयन शुरू करने की मांग
किसानों की दूसरी महत्वपूर्ण मांग मूंगफली की सरकारी खरीद से संबंधित है। मूंगफली की फसल अब आ चुकी है, इसलिए संघ ने मांग की है कि सरकारी खरीद के लिए पंजीयन प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए ताकि किसानों की उपज की समय पर तुलाई हो सके और उन्हें अपनी फसल का सही दाम मिल सके।
बीमा फ्रॉड पर बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में एक गंभीर मुद्दा किसानों के फसल बीमा को लेकर उठाया गया है। किसान संघ ने आरोप लगाया कि कई किसानों ने बैंकों से केसीसी (KCC) लोन ले रखा है, जिनके खातों से बैंकों ने नियमानुसार फसल बीमा हेतु राशि काट ली है, लेकिन उनका फसल बीमा नहीं हुआ है। किसानों को उनकी पॉलिसी की जानकारी भी नहीं दी जा रही है।
संघ ने साफ तौर पर कहा है कि इस मामले में नियमानुसार बैंक दोषी है। रानीवाड़ा स्थित आईसीआईसीआई बैंक पर विशेष रूप से किसानों के साथ इस प्रकार का ‘धोखाधड़ी’ (फ्रॉड) करने का आरोप लगाया गया है। किसानों के सामने अब यह संकट है कि बिना पॉलिसी के वे फसली नुकसान की शिकायत 72 घंटे की समय सीमा के भीतर कैसे दर्ज करवाएं, जबकि शिकायत दर्ज करवाने के लिए जारी सरकारी हेल्पलाइन नंबर भी व्यस्त बता रहा है।
भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री से किसानों के हित में तुरंत फैसला लेने और इस ‘छल’ को रोकने के लिए दोषी बैंकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।



