आपसी प्रेम और मर्यादा से ही संवर सकता है जीवन'
रानीवाड़ा। स्थानीय ज्ञान गंगा ब्रह्माकुमारीज राजयोग सेंटर पर रक्षाबंधन का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान जहाँ रक्षासूत्र के पवित्र बंधन बांधे गए, वहीं वक्ताओं ने आज के बदलते दौर में टूटते पारिवारिक रिश्तों और जीवन शैली पर गहरी चिंता जताते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया।
ज्ञान पुष्प बरसाते हुए राजयोगिनी डॉ. गीता बेंजी के विचार
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता राजयोगिनी डॉ. गीता बेंजी ने उपस्थित मेहमानों और अनुयायियों पर अपनी वाणी से ज्ञान पुष्प बरसाए। उन्होंने परिवार और समाज की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए दो टूक कहा:
- रिश्तों की डोर और मर्यादा: डॉ. गीता बेंजी ने कहा कि आज फैशन ने काफी कुछ बिगाड़ दिया है, जिससे छोट-बड़ों की मर्यादा कम होती जा रही है।
- बैर और पुरानी बातें: उन्होंने चेतावनी दी कि एक-दूसरे से बैर रखना, पुरानी बातों को मन में गांठ बांधकर रखना और सुनी-सुनाई बातों पर ध्यान देना ही आज के बिगड़ते रिश्तों का मुख्य कारण है।
- पारिवारिक एकता: उन्होंने बल देते हुए कहा कि सभी परिवारों को मिलजुल कर प्रेम और भाईचारे से रहना चाहिए ताकि घर-परिवार में हमेशा एकता बनी रहे। छोटों को प्यार और बड़ों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की असली पहचान है।
'व्यस्त जिंदगी से निकालें थोड़ा समय' - ब्रह्माकुमारी सुनीता बेंजी
ब्रह्माकुमारी सुनीता बेंजी ने अपने संबोधन में आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली पर बात की। उन्होंने कहा कि इस व्यस्त जिंदगी में से थोड़ा समय अपने लिए भी निकालना बेहद जरूरी है। शांति में बैठना, जीवन का आनंद लेना और टेंशन फ्री रहना ही सच्ची मानसिक शांति का मार्ग है, क्योंकि यह जिंदगी बहुत छोटी है।
गणमान्य नागरिकों की रही विशेष उपस्थिति
इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्व के दौरान रानीवाड़ा क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से हनुमान चौधरी, छैल सिंह सोलंकी, कुट्टन जी भाई साहब, ताराचंद जी भारद्वाज, मालती बें, कुणाल चौधरी, हिना चौधरी, देवीचंद जीनगर, डायाभाई जैन, सोमा भाई, श्याम भाई, मोहन भाई, अनिता जोशी, खेमाराम चौधरी और गंगा देवी सहित बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे।









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