जालोर। साइबर क्राइम पुलिस थाना जालोर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिवादी मोतीराम के ₹78,000 ठगी की पूरी राशि रिकवर कर उनके खाते में वापस जमा करवाई। ठगी की घटना मिलिट्री आर्मी से जुड़े फर्जी ट्रांसपोर्ट डील के नाम पर अंजाम दी गई थी। ठगों ने ऑनलाइन पेमेंट ट्रिक से राशि ट्रांसफर करवाई, लेकिन साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत खाता होल्ड करवा दिया। वर्ष 2025 में अब तक साइबर थाना जालोर द्वारा कुल ₹34.74 लाख की ठगी की राशि पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है।
परिवादी: मोतीराम राशि: ₹78,000 सफल रिफंड: साइबर पुलिस ने पूरी राशि रिकवर कर परिवादी के खाते में वापस दिलाई।
घटनाक्रम: कैसे हुई ठगी?
📍 तिथि: 28 मार्च 2025 📍 स्थान: चौधरी ट्रांसपोर्ट नगर, जालोर 📍 आरोपी: कथित "रोनक फेट केयर ट्रांसपोर्ट कंपनी" का मालिक जुसूफ खान 📍 विधि:
- आरोपी ने खुद को मिलिट्री आर्मी से संबंधित सामान हैदराबाद तक पहुँचाने वाला बताया।
- फर्जी लोकेशन साझा कर परिवादी को बुलाया।
- पहले ₹5 और ₹10 भेजकर भरोसा बनाया।
- इसके बाद ₹19,000, ₹20,000 चार बार ट्रांसफर के बहाने धोखाधड़ी की।
- ₹78,000 खाते से डेबिट होने के बाद आरोपी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
- परिवादी को शक हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस कार्रवाई: ठगों पर शिकंजा
📌 पुलिस टीम: 1️⃣ महेंद्र सिंह (निरीक्षक, साइबर क्राइम थाना जालोर) 2️⃣ मोहनलाल (हेड कांस्टेबल, साइबर थाना) 3️⃣ अशोक कुमार (कांस्टेबल, साइबर थाना) 4️⃣ ललित चौधरी (कांस्टेबल, साइबर थाना)
💻 तकनीकी जांच: ✅ संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज किया। ✅ आरोपी के लेनदेन का विश्लेषण किया। ✅ नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर राशि होल्ड करवाई। ✅ कोर्ट के आदेश से ₹78,000 वापस परिवादी को दिलाया।
साइबर थाना जालोर की उपलब्धि
📊 2025 में अब तक: ₹34,74,216 ठगी की राशि रिकवर कर पीड़ितों को वापस दिलाई गई।
सावधानी एवं सुरक्षा सुझाव
🔹 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या Cybercrime Portal पर शिकायत दर्ज करें। 🔹 ग्राहक सेवा नंबर केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही खोजें। 🔹 अनजान कॉल, मैसेज या लिंक को न खोलें। 🔹 कभी भी अपने बैंक खाते की जानकारी साझा न करें। 🔹 गलती से राशि ट्रांसफर होने पर UPI Complaint Portal पर शिकायत करें।







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