नियमित विद्यार्थियों का हुंकार: “बाहरी राजनीतिक दखल बर्दाश्त नहीं, हमें संस्कारित वार्षिकोत्सव चाहिए”
भीनमाल (जालौर): शिक्षा के मंदिर में बढ़ते राजनीतिक हस्तक्षेप और सांस्कृतिक मर्यादाओं के उल्लंघन को लेकर भीनमाल के जी.के. गोवानी राजकीय महाविद्यालय में विवाद गहरा गया है। महाविद्यालय के नियमित विद्यार्थियों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विद्यार्थियों का स्पष्ट कहना है कि कॉलेज का वार्षिक महोत्सव विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने का मंच होना चाहिए, न कि छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की शक्ति प्रदर्शन की जगह।
प्राचार्य को सौंपा अल्टीमेटम: “भामाशाहों को बुलाओ, नेताओं को नहीं”
विद्यार्थियों ने प्राचार्य को एक कड़ा पत्र सौंपते हुए मांग की है कि आगामी वार्षिक महोत्सव में एबीवीपी (ABVP), एनएसयूआई (NSUI) या किसी भी अन्य राजनीतिक विचारधारा से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। विद्यार्थियों ने सुझाव दिया है कि मुख्य अतिथि के रूप में किसी प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक या कॉलेज के संरक्षक गोवानी परिवार (भामाशाह) के सदस्यों को आमंत्रित किया जाना चाहिए, ताकि संस्थान की शैक्षणिक गरिमा बनी रहे।
स्टाफ पर गंभीर आरोप: “पर्दे के पीछे से चल रहा है राजनीतिक खेल”
छात्रों ने केवल बाहरी तत्वों पर ही नहीं, बल्कि कॉलेज के कुछ स्टाफ सदस्यों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि कुछ शिक्षक अपनी व्यक्तिगत राजनीतिक विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए बाहरी नेताओं को मंच प्रदान करते हैं। जब नियमित छात्र इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करते हैं, तो उन पर अनुचित दबाव बनाया जाता है।
अश्लीलता पर रोक, संस्कृति पर जोर
शिकायती पत्र में यह भी साफ किया गया है कि वार्षिक महोत्सव के नाम पर होने वाले अश्लील फिल्मी डांस और फूहड़ता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर:
- क्षेत्रीय लोक संस्कृति का प्रदर्शन हो।
- शैक्षणिक और संस्कारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
- मंच का संचालन केवल नियमित छात्र-छात्राओं द्वारा ही किया जाए।
विद्यार्थियों की चेतावनी: “अगर कॉलेज प्रशासन ने हमारी इन जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया और राजनीति को बढ़ावा देना बंद नहीं किया, तो हम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
सर्कल न्यूज नेटवर्क के लिए भीनमाल से ब्यूरो रिपोर्ट।



