मुखर्जी के विचार गौरवशाली भारत के निर्माण की प्रेरणा - पूर्व जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह राव बोरली
सांचौर। भारतीय जनता पार्टी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देशानुसार शनिवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर सांचौर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन पूर्व जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह राव बोरली के मुख्य सानिध्य में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से किया गया। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह राव बोरली, सांचौर नगर अध्यक्ष शंभूसिंह राव, सांचौर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गंगदाराम चौधरी, सत्यपुर मंडल अध्यक्ष अर्जुनसिंह सरवाणा, चितलवाना मंडल अध्यक्ष सांवलाराम माली सहित पदाधिकारियों ने दीप जलाया।

पूर्व जिलाध्यक्ष श्रवणसिंह राव बोरली ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक प्रखर भारतीय राजनीतिज्ञ, शिक्षाविद् और वकील थे। उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता में हुआ। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत हिंदू महासभा से की। 1944 में उन्होंने जनसंघ की स्थापना की, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी में विकसित हुई।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के भारत में पूर्ण एकीकरण के लिए संघर्ष किया और इसके लिए उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया। 23 जून 1953 को बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया और रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हुई। राव ने कहा कि मुखर्जी के प्रखर विचार, समग्र चिंतन और सर्वांगीण विकास की भावना आज भी गौरवशाली भारत के निर्माण की प्रेरणा हैं।

कार्यक्रम में जिला मीडिया संयोजक भावेश सोनी, किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष पहाड़सिंह राव, सांचौर नगर अध्यक्ष शंभूसिंह राव, सांचौर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष गंगदाराम चौधरी, सत्यपुर मंडल अध्यक्ष अर्जुनसिंह सरवाणा, चितलवाना मंडल अध्यक्ष सांवलाराम माली, सत्यपुर मंडल महामंत्री व उपप्रधान प्रतिनिधि गजेंद्रसिंह कारोला, सोहनलाल खत्री, अमराराम देवासी, चेनाराम चौधरी, हरीश गर्ग, अर्जुन माली, पार्षद पवन जीनगर, भीखाराम विश्नोई, अमराराम चौधरी, डूंगरसिंह कारोला, भरत जीनगर, हुकमाराम प्रजापत, शांतीलाल मेघवाल, प्रेमाराम, मांगीलाल प्रजापत, दिलीप चौधरी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।







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