पालनपुर (बनासकांठा)। कर्नाटक के मैसूर में हुई सनसनीखेज चांदी लूट की गुत्थी बनासकांठा पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर सुलझा ली है। पालनपुर पश्चिम पुलिस और मैसूर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 45 लाख रुपये से अधिक की चांदी लूटने वाले चार कुख्यात आरोपियों को धर दबोचा गया है। इस सफलता ने एक बार फिर बनासकांठा पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का लोहा मनवाया है।
सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाकर लूट, कर्नाटक पुलिस के उड़े होश
गौरतलब है कि 29 जुलाई 2025 को मैसूर की एक फैक्ट्री से लगभग 30 किलोग्राम चांदी लूटी गई थी। शातिर लुटेरों ने फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड को बंदूक की नोक पर बंधक बनाकर इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया था, जिससे कर्नाटक पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। जांच के दौरान कर्नाटक पुलिस को अहम सुराग मिले कि इस लूट में बनासकांठा के कुछ लोग शामिल हैं।
एसपी अक्षयराज मकवाना का मास्टरस्ट्रोक, 12 घंटे में बिछाया जाल
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कर्नाटक पुलिस ने बनासकांठा पुलिस से संपर्क साधा। जिला पुलिस प्रमुख अक्षयराज मकवाना ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और पालनपुर पश्चिम पुलिस को सक्रिय कर दिया। एसपी अक्षयराज मकवाना के कुशल नेतृत्व और सटीक रणनीति के चलते पुलिस टीमों ने त्वरित गति से कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर आरोपियों को अपने शिकंजे में कस लिया। यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि अंतर्राज्यीय स्तर पर इतनी बड़ी लूट का इतने कम समय में पर्दाफाश करना पुलिस की कार्यकुशलता का जीता-जागता प्रमाण है।
मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार, हथियार और लूटी हुई चांदी बरामद
पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों – किशोर कांतिलाल पंचाल और रवि उर्फ अरविंद ठाकोर – समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक थार कार, 30 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन, एक पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस ने लूट की गई पूरी चांदी भी बरामद कर ली है, जिससे पीड़ित फैक्ट्री मालिक को बड़ी राहत मिली है।
आगे की जांच जारी, और खुलासे की उम्मीद
इस बड़ी सफलता पर एसपी अक्षयराज मकवाना ने कहा कि 29 जुलाई को मैसूर में हुई 30 किलो चांदी की चोरी के मामले में कर्नाटक पुलिस से संपर्क होते ही बनासकांठा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने पालनपुर पश्चिम पुलिस की टीम और कर्नाटक पुलिस के आपसी समन्वय की सराहना की, जिसकी बदौलत यह सफलता मिल सकी। पुलिस फिलहाल आगे की जांच कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। उम्मीद है कि इस जांच में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
बनासकांठा पुलिस की इस शानदार कार्रवाई ने न केवल कर्नाटक पुलिस को बड़ी राहत दी है, बल्कि अपराधियों को भी यह संदेश दिया है कि कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं। एसपी अक्षयराज मकवाना के नेतृत्व में बनासकांठा पुलिस ने एक बार फिर अपनी कर्तव्यनिष्ठा और अपराध नियंत्रण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है।



