जालोर, 04 अप्रैल 2025: खनन विभाग ने बुधवार शाम से गुरुवार तक अवैध खनन और बिना रॉयल्टी वाले वाहनों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए जालोर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 10 वाहन जब्त किए हैं। इनमें ट्रैक्टर-ट्रेलर, एलएनटी और डंपर शामिल हैं। इस अभियान का नेतृत्व खनिज अभियंता नरेंद्र खटीक ने किया और इसे कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे के निर्देशानुसार अंजाम दिया गया।
जुर्माना और जांच: विभाग ने पकड़े गए वाहनों में से 6 वाहनों से 8.50 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है, जबकि शेष 4 वाहनों की जांच अभी जारी है। जुर्माना वसूली के बाद विभाग ने आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।
अभियान की रूपरेखा: इस संयुक्त अभियान में पुलिस विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग और खनन विभाग की टीमें शामिल थीं। कार्रवाई के दौरान बागरा क्षेत्र से सिरोही जिले से बिना रवन्ना के आए तीन ट्रेलर पकड़े गए, जो ग्रेनाइट ब्लॉक्स लेकर जा रहे थे। जीवाणा गांव में एक डंपर, जिसमें गिट्टी भरी थी, बिना उचित दस्तावेजों के पकड़ा गया। इसी तरह रानीवाड़ा के चाटवाड़ा गांव में उपखंड अधिकारी सुनील कुमार, पुलिस, तहसीलदार और वन विभाग की मौजूदगी में एलएनटी और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध खनन करते हुए जब्त किए गए।

संगठित प्रयास: मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद, कलेक्टर के निर्देश पर खनन विभाग ने पूरे जिले में कार्रवाई का जाल फैलाया। इस संगठित अभियान से जिले में अवैध खनन को रोकने के प्रयासों को बल मिला है। विभाग के खनिज अभियंता ने कहा कि मोकलसर और सिवाणा में भी जांच और कार्रवाई अभी जारी है, जिससे उम्मीद है कि और भी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
स्थानीय प्रशासन का सहयोग: जालोर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासनिक समन्वय का प्रदर्शन करते हुए इस अभियान को सफल बनाया गया। इसमें न केवल खनन विभाग बल्कि वन विभाग, पुलिस विभाग, और राजस्व अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। यह जिले में अवैध खनन को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन और सरकारी तंत्र के मजबूत तालमेल की मिसाल पेश करती है। जिले में अवैध खनन से होने वाले नुकसान को रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी प्रभावी साबित होंगे।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां