एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़, गुजरात की धानेरा पुलिस ने दबोचा
सर्कल न्यूज नेटवर्क
रानीवाड़ा/जालोर।
गुजरात के बनासकांठा जिले की धानेरा थाना पुलिस ने एटीएम मशीनों के पास भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाने वाली एक शातिर अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एटीएम से पैसे निकालने आने वाले अनभिज्ञ लोगों को मदद का झांसा देकर उनका एटीएम कार्ड बदल लेते थे और बाद में उनके खातों से मोटी रकम साफ कर देते थे।
सीसीटीवी और ह्यूमन सोर्स से मिली कामयाबी
धानेरा पुलिस स्टेशन में दर्ज गुनाह नंबर 11195101260567/2026 बीएनएस धारा 318(4), 54 के तहत एक अनडिटेक्टेड मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एटीएम मशीन के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और ह्यूमन सोर्स की मदद ली। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग एटीएम मशीनों के पास मंडरा रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपियों के पास से एक एचडीएफसी बैंक का एटीएम कार्ड और 3,830 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
ये हैं पकड़े गए आरोपी (पूरा नाम और पता):
- भरतकुमार
- पिता का नाम: कानाराम पुनमाराम
- जाति: माली (गेलोत)
- उम्र: 28 वर्ष
- पेशा: खेती-बाड़ी
- निवासी: गीधधोरा रोड, चितलवाना, तहसील-चितलवाना, जिला-जालोर (राजस्थान)
- पोपटलाल
- पिता का नाम: जेठाराम सवाजी
- जाति: भील (राणा)
- उम्र: 27 वर्ष
- पेशा: खेती-बाड़ी
- निवासी: गोलीया, तहसील-चितलवाना, जिला-जालोर (राजस्थान)
- भगवानाराम
- पिता का नाम: वशराम खेंगाराम
- जाति: भील (माजीराणा)
- उम्र: 20 वर्ष
- पेशा: खेती-बाड़ी
- निवासी: गौचर, तहसील-चितलवाना, जिला-जालोर (राजस्थान)
क्या था गुनाह
यह गैंग एटीएम मशीनों के बाहर ऐसे लोगों की ताक में रहती थी जो एटीएम का उपयोग करने में थोड़े असहज या अनभिज्ञ होते थे। जब कोई व्यक्ति पैसे निकालने जाता, तो ये आरोपी मदद करने के बहाने उनके पास खड़े हो जाते। पैसे निकालने की प्रक्रिया के दौरान ये चालाकी से उनका एटीएम पिन (पासवर्ड) देख लेते थे। इसके बाद नजरें बचाकर उनके कार्ड जैसा ही किसी दूसरी बैंक का फर्जी या पुराना एटीएम कार्ड उन्हें थमा देते और असली कार्ड खुद रख लेते थे। बाद में उस कार्ड और पिन का इस्तेमाल कर खातों से नकदी निकाल कर ठगी करते थे। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने धानेरा और थराद इलाके में भी कई लोगों को इसी तरह अपना शिकार बनाया था।
इन अधिकारियों के मार्गदर्शन और टीम ने की कार्रवाई:
, यह बड़ी कामयाबी बनासकांठा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक परिक्षिता राठौड़ और बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक प्रशांत सुंबे के दिशा-निर्देशों के तहत मिली। संपत्ति संबंधी अपराधों को रोकने के लिए दिए गए आदेश के बाद, डीसा विभाग के नायाब पुलिस अधीक्षक सी.एल.सोलंकी के मार्गदर्शन में धानेरा पुलिस इंस्पेक्टर एस.डी.चौधरी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई करने वाली मुख्य टीम:
- एस.डी.चौधरी, पुलिस इंस्पेक्टर, धानेरा
- विजयकुमार, एएसआई, धानेरा
- विजयसिंह, एएसआई, धानेरा
- गोविंदभाई, हेड कांस्टेबल, धानेरा
- जोरसिंह, पुलिस कांस्टेबल, धानेरा
- रोहितकुमार, पुलिस कांस्टेबल, धानेरा
धानेरा पुलिस अब आरोपियों से रिमांड के दौरान गहन पूछताछ कर रही है ताकि गुजरात और राजस्थान के अन्य इलाकों में की गई अन्य वारदातों का भी खुलासा किया जा सके।







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