मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मंजू प्रतिभा की मौजूदगी में नन्हे बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, ग्रामीणों ने विद्यालय विकास के लिए जुटाया सहयोग
दूधवट। राजकीय प्राथमिक विद्यालय दूधवट में आयोजित वार्षिकोत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में स्थानीय भामाशाहों और ग्रामीणों ने विद्यालय के प्रति अपना समर्पण दिखाते हुए दिल खोलकर घोषणाएं की।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मंजू प्रतिभा रहीं। अध्यक्षता पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी तेजाराम देवासी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रघुनाथ विश्नोई और साक्षरता खंड समन्वयक दीपसिंह देवल मौजूद रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए ग्रामीणों द्वारा इनाम वितरण किया गया और ‘कृष्ण भोग’ का विशेष आयोजन हुआ।
शिक्षा अधिकारियों का उद्बोधन
- मंजू प्रतिभा (CBEO): उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा ही बच्चे के भविष्य की नींव होती है। अगर नींव मजबूत होगी, तो भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने भामाशाहों के सहयोग की सराहना की।
- रघुनाथ विश्नोई (ACBEO): उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया और सरकारी विद्यालयों में बढ़ते वार्षिकोत्सव के स्तर को सराहा।
- दीपसिंह देवल: उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यालय का दर्पण होते हैं और ग्रामीणों का समन्वय ही विद्यालय की उन्नति का आधार है।
भामाशाहों का अनुकरणीय सहयोग
सत्र 2025-26 में ग्रामीणों और दानदाताओं ने विद्यालय को करीब 2.50 लाख रुपये का सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सहयोग इस प्रकार रहे:
| भामाशाह का नाम | सहयोग/घोषणा |
| दिलीपसिंह बाबूसिंह सोलंकी | समस्त बच्चों को बैग वितरण |
| बगदाराम उकाराम सुथार | 43 इंच एलईडी (LED) |
| रेवाराम सोनाराम सुथार | लेक्चर स्टैंड |
| रिदाराम हरजीराम देवासी | लैपटॉप (घोषणा) |
| त्रिकमाराम लादाराम चौधरी | 5 कुर्सियां |
सफल संचालन और आभार
कार्यक्रम का शानदार संचालन महेंद्र त्रिवेदी और अरविंद कुमार जोशी ने अपनी शेरो-शायरी के साथ किया, जिसने समां बांध दिया। अंत में प्रधानाध्यापक सुमित कुमार ने पधारे हुए सभी अधिकारियों, स्टाफ साथियों और ग्रामीणों का आभार जताया और भविष्य में भी विद्यालय विकास में इसी तरह भागीदारी निभाने का आह्वान किया।



