पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल के प्रयास लाए रंग; अब उपखंड मुख्यालय पर ही मिलेंगी मवेशियों के इलाज की हाई-टेक सुविधाएं, सीएम और पशुपालन मंत्री का जताया आभार।
मुख्य समाचार: पशुपालकों के लिए बड़ी राहत
जसवंतपुरा/रानीवाड़ा। क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। पूर्व विधायक एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण सिंह देवल की अनुशंसा और अथक प्रयासों के फलस्वरूप, जसवंतपुरा के नवनिर्मित बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय के भवन निर्माण हेतु राज्य सरकार ने 2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत कर दी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस अस्पताल को क्रमोन्नत करने के बाद अब इसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने का रास्ता साफ हो गया है।
कैसी होगी भवन की व्यवस्था? 2 करोड़ की लागत से बनने वाला यह भवन केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक संपूर्ण केंद्र होगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार:
- आधुनिक ऑपरेशन थिएटर: गंभीर रूप से बीमार या घायल पशुओं के लिए विशेष शल्य चिकित्सा कक्ष बनाया जाएगा।
- जांच प्रयोगशाला (Lab): मवेशियों के रक्त और अन्य बीमारियों की तत्काल जांच के लिए इन-हाउस लैब की व्यवस्था होगी।
- इन-डोर और आउट-डोर वार्ड: बीमार पशुओं को भर्ती करने के लिए अलग से वार्ड बनाए जाएंगे।
- प्रशासनिक ब्लॉक और दवा स्टोर: सुव्यवस्थित तरीके से दवाओं के भंडारण और डॉक्टरों के बैठने के लिए आधुनिक कमरों का निर्माण होगा।
बढ़ेंगी ये सुविधाएं: पशुपालकों को होगा सीधा लाभ जसवंतपुरा उपखंड मुख्यालय पर इस स्तरीय अस्पताल के बनने से क्षेत्र की सूरत बदल जाएगी:
- जटिल बीमारियों का इलाज: अब बड़े मवेशियों के गंभीर इलाज के लिए पशुपालकों को जिला मुख्यालय या अन्य बड़े शहरों की ओर नहीं दौड़ना पड़ेगा।
- सुगम टीकाकरण: समय पर टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान जैसी सुविधाएं अब स्थानीय स्तर पर सुगमता से उपलब्ध होंगी।
- सटीक डायग्नोसिस: हाई-टेक उपकरणों के कारण बीमारियों का सटीक पता चल सकेगा, जिससे पशु मृत्यु दर में कमी आएगी।
- आपातकालीन सेवाएं: उपखंड मुख्यालय पर होने के कारण आसपास के दर्जनों गांवों के पशुपालकों को इमरजेंसी में तत्काल राहत मिलेगी।
पूर्व विधायक ने जताया आभार इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और डेयरी एवं पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत का आभार व्यक्त किया है। देवल ने कहा कि जसवंतपुरा क्षेत्र में पशुपालन जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है, और यह आधुनिक अस्पताल इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और पशुधन संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगा।



