रानीवाड़ा। राजस्थान के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि मरूधरा को आगामी दो दशकों में 'विकसित राजस्थान' बनाने का एक ठोस रोडमैप है। इस बजट में रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए विकास की जो झड़ी लगी है, वह क्षेत्र की आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। सांचौर-रानीवाड़ा-आबूरोड स्टेट हाईवे के लिए 535 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि से लेकर जसवंतपुरा तालाब के जीर्णोद्धार तक, यह बजट क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी जरूरत को छूता है।
रानीवाड़ा के पूर्व विधायक एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण सिंह देवल ने बजट पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'सर्व-समावेशी और सर्व-हितैषी' करार दिया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया यह बजट 'सबका साथ, सबका विकास' के मूलमंत्र को धरातल पर उतारने वाला है।
रानीवाड़ा के लिए बजट की बड़ी सौगातें
बजट में रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र को मिली प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार हैं:
- स्टेट हाईवे-11 का कायाकल्प: सांचौर-रानीवाड़ा-मंडार-रेवदर-आबूरोड मार्ग के लिए 535 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी सुधरेगी।
- पर्यावरण एवं पर्यटन: सुंधामाता संरक्षित क्षेत्र में भालू संरक्षण कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- जल संरक्षण: जसवंतपुरा तालाब के जीर्णोद्धार कार्य को मंजूरी दी गई है, जिससे स्थानीय जलस्तर और सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
- शहरी ढांचा: रानीवाड़ा में पुलिया व सड़क निर्माण कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि आवंटित हुई है।
- यातायात सुगमता: भीनमाल फाटक (एलसी-113) पर बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज निर्माण हेतु DPR की स्वीकृति दी गई है।
"2047 के स्वर्णिम राजस्थान की नींव"
नारायण सिंह देवल ने बजट का विश्लेषण करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, युवा, किसान, वंचित और शोषित वर्ग के सामाजिक उत्थान को समर्पित है। उन्होंने कहा:
"यह बजट राजस्थान को आर्थिक समृद्धि और समावेशी विकास के पथ पर तेजी से आगे ले जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री महोदया ने विजन-2047 को ध्यान में रखते हुए आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण के बीच जो संतुलन बनाया है, वह काबिले तारीफ है। रानीवाड़ा की जनता की ओर से मैं इस बहुआयामी विकास के लिए नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूँ।"
देवल ने विश्वास जताया कि इन विकास कार्यों से न केवल रानीवाड़ा बल्कि पूरे जिले में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। भीनमाल फाटक पर ओवरब्रिज की डीपीआर स्वीकृत होने से दशकों पुरानी जाम की समस्या से भी मुक्ति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।







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