जोधपुर, 30 अप्रैल 2025 – एम्स जोधपुर ने हाइपरट्रॉफिक ऑब्सट्रक्टिव कार्डियोमायोपैथी (HOCM) के इलाज में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग ने संस्थान में पहली बार सेप्टल मायेक्टॉमी नामक जटिल ओपन-हार्ट सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
चार मरीजों का सफल ऑपरेशन
इस सर्जरी में 34 से 74 वर्ष तक के चार मरीजों का उपचार किया गया। इनमें से एक मरीज कुछ समय पूर्व अचानक हृदयगति रुकने से बचाया गया था, जो इस सर्जरी की जीवन-रक्षक भूमिका को दर्शाता है।

विशेषज्ञों की टीम ने किया असाधारण कार्य
इस ऐतिहासिक सर्जरी कार्यशाला का नेतृत्व डॉ. आलोक के. शर्मा, विभागाध्यक्ष, CTVS, एम्स जोधपुर ने किया। उनके साथ डॉ. सुरेंद्र पटेल, डॉ. मधुसूदन कट्टी, और डॉ. अनिरुद्ध माथुर शामिल थे। डॉ. जी.डी. पुरी, कार्यकारी निदेशक, एम्स जोधपुर ने इन्ट्राऑपरेटिव ट्रांसईसोफेजियल इकोकार्डियोग्राफी (TEE) और पोस्ट-ऑप देखभाल में अहम योगदान दिया।
रोगियों के परिवारों की होगी स्क्रीनिंग
एम्स जोधपुर ने HOCM से प्रभावित मरीजों के परिवारजनों की स्क्रीनिंग की पहल शुरू की है, ताकि रोग के आनुवंशिक प्रभाव का अध्ययन किया जा सके और समय रहते संभावित मरीजों की पहचान की जा सके।
एम्स जोधपुर बना उन्नत हृदय चिकित्सा का केंद्र
इस कार्यशाला ने संस्थान की तकनीकी उन्नति और विशेषज्ञता को रेखांकित किया। बीते एक वर्ष में एम्स जोधपुर में हृदय सर्जरी और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है।
भविष्य में और उन्नत सुविधाएं
एम्स जोधपुर पश्चिम भारत में उन्नत हृदय चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। संस्थान ने हाल ही में Continuing Medical Education (CME) सत्र का आयोजन किया, जिसमें जोधपुर व आसपास के क्षेत्रों के हृदय विशेषज्ञों ने भाग लिया।
इस चिकित्सा उपलब्धि ने एम्स जोधपुर को हृदय रोगों के आधुनिक उपचार में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है।



