पुलिस मुख्यालय ने जारी किया निर्देश, सरकारी दस्तावेजों में ‘अनुसूचित जाति‘ लिखने के दिए आदेश
जयपुर। राजस्थान में अब सरकारी कामकाज, पत्राचार और दस्तावेजों में ‘दलित’ शब्द का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। पुलिस मुख्यालय, सिविल राइट्स द्वारा इस संबंध में प्रदेश के सभी रेंज महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपायुक्तों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
पत्रों का हवाला देकर दी जानकारी
कार्यालय अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सिविल राइट्स) द्वारा जारी इस आधिकारिक आदेश में गृह विभाग के उप शासन सचिव, पुलिस, गृह ग्रुप-13 के पत्र क्रमांक प.1(2) गृह-13/2026 दिनांक 15.06.26 का विशेष उल्लेख किया गया है। इसी के साथ, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिनांक 15.03.2015 के पत्र का भी हवाला दिया गया है, जिसमें ‘दलित’ शब्द के प्रयोग को असंवैधानिक बताया गया था।
न्यायालय के निर्णयों का रखा गया ध्यान
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि माननीय न्यायालय के निर्णयों की पालना सुनिश्चित करते हुए अब किसी भी प्रकार के आधिकारिक लेन-देन, कामकाज या प्रमाण पत्रों में ‘दलित’ शब्द का उपयोग तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
अब क्या उपयोग करना होगा?
पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि अब सभी सरकारी कार्यों में:
हिंदी में ‘अनुसूचित जाति’ शब्द का ही प्रयोग किया जाएगा।
अंग्रेजी में इसके लिए ‘Scheduled Caste’ शब्द का उपयोग होगा।
अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसके उपयुक्त अनुवाद का ही प्रयोग किया जाएगा।
अतिरिक्त महानिदेशक कार्यालय ने इस आदेश की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकारी कामकाज में असंवैधानिक शब्दावली का प्रयोग न हो सके।



