रजत महोत्सव पर पंजाब राज्यपाल ने भेजा शुभकामना संदेश; बोले- के.पी. संघवी परिवार ने सिरोही को पूरे देश में किया गौरवान्वित
सर्किल न्यूज़ नेटवर्क
सिरोही। धर्म, आस्था और जीवदया के संगम स्थल ‘श्री पावापुरी तीर्थ-जीव मैत्रीधाम’ की 25वीं वर्षगांठ (रजत महोत्सव) के ऐतिहासिक अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने अपनी भावपूर्ण शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में इस धाम को केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सेवा और जीवदया के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक ‘रोल मॉडल’ करार दिया है।
पुरानी यादों को किया ताजा: 1998 की वो शुरुआत
राज्यपाल कटारिया ने अपने संदेश में वर्ष 1998 की उन स्मृतियों को साझा किया, जब उन्होंने स्वयं अपने कर-कमलों से इस गौशाला का शुभारंभ किया था। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए लिखा कि पिछले 27 वर्षों से के.पी. संघवी परिवार जिस निष्ठा के साथ 5 हजार से अधिक बेसहारा और अबोल गौवंश की सेवा-सुश्रुषा कर रहा है, वह वंदनीय है। पावापुरी की इस पावन धरा पर गौ-सेवा के प्रकल्प ने सेवा की नई परिभाषा गढ़ी है।
सिरोही के गौरव का प्रतीक बना पावापुरी
रजत महोत्सव पर बधाई देते हुए राज्यपाल ने उल्लेख किया कि संघवी परिवार ने इस तीर्थ धाम के माध्यम से न केवल धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई दी है, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्थाई रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि भामाशाह के.पी. संघवी परिवार का योगदान जीवदया तक ही सीमित नहीं है, बल्कि चिकित्सा, शिक्षा और प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार में भी उनका कार्य उल्लेखनीय है। 25 वर्षों में 90 लाख श्रद्धालुओं का यहाँ पहुँचना यह सिद्ध करता है कि लोगों की इस धाम के प्रति अटूट आस्था है।
अपरिहार्य कारणों से नहीं पहुँच पाए, पर साथ है शुभकामनाएं
राज्यपाल कटारिया ने पत्र में यह भी लिखा कि उन्हें पिछले ढाई दशकों में कई बार इस पवित्र धाम के दर्शन का सौभाग्य मिला है। वे इस रजत महोत्सव के कार्यक्रम में स्वयं उपस्थित होना चाहते थे, लेकिन संवैधानिक व्यस्तताओं और कुछ अपरिहार्य कारणों से वे शिरकत नहीं कर सके। हालांकि, उन्होंने संदेश के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए महोत्सव की सफलता की मंगलकामना की।



