पेपर माफिया के जाल में फंसी दोबारा आयोजित परीक्षा; मेरिट में 12वीं रैंक लाने वाला गणपतलाल विश्नोई चढ़ा पुलिस के हत्थे
जयपुर/सांचौर।
राजस्थान में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए कनिष्ठ अभियंता (JEN) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2021 में बड़ी धांधली का खुलासा किया है। SOG ने इस मामले में सांचौर के रहने वाले और वर्तमान में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) में सहायक अभियंता (AEN) के पद पर कार्यरत गणपतलाल विश्नोई को गिरफ्तार किया है।
पेपर लीक की ‘दोहरी मार’
SOG के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल के अनुसार, JEN भर्ती परीक्षा-2020 को दिसंबर 2020 में पेपर लीक के कारण निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद 12 सितंबर 2021 को यह परीक्षा दोबारा आयोजित की गई। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि माफियाओं ने न केवल पहली परीक्षा, बल्कि दोबारा आयोजित की गई परीक्षा का पेपर भी समय से पहले ही आउट कर दिया था।
ऐसे हुआ आरोपी का पर्दाफाश
जांच के दौरान जब पूर्व में पकड़े गए अभियुक्तों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कबूला कि जिस संगठित गिरोह ने पहली परीक्षा रद्द करवाई थी, वही गिरोह दोबारा आयोजित परीक्षा में भी सक्रिय था।
- आरोपी: गणपतलाल विश्नोई (पुत्र गोवर्धन राम विश्नोई), उम्र 34 वर्ष।
- पता: निवासी डेडवा, सांचौर (जालौर)।
- कार्रवाई: आरोपी ने लीक पेपर के जरिए परीक्षा पास की और मेरिट में 12वां स्थान हासिल किया। इसके आधार पर उसे नौकरी मिली और वह पदोन्नत होकर बाड़मेर में सहायक अभियंता के पद पर कार्य कर रहा था।
पुराना इतिहास: भर्ती परीक्षाओं में माफिया का जाल
यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान की प्रमुख भर्तियों पर सवाल उठे हैं। SOG की जांच में यह भी सामने आया है कि:
- SI भर्ती परीक्षा (2021): 13 से 15 सितंबर 2021 के बीच हुई सब-इंस्पेक्टर भर्ती के पेपर भी इसी दौरान लीक किए गए थे।
- जगदीश विश्नोई का कनेक्शन: इस मामले में मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसने पूछताछ में बताया कि कैसे उसने अपने साथियों के साथ मिलकर परीक्षा से कुछ समय पहले अभ्यर्थियों को पेपर उपलब्ध कराया था।



