जयपुर: किसानों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा क़दम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की 12 कृषि उपज मंडियों में विकास कार्यों के लिए ₹43.87 करोड़ से अधिक की राशि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से किसानों की जिंदगी आसान होगी और मंडियों में सुविधाओं का विस्तार होगा।
₹43 करोड़ 87 लाख 13 हज़ार का ख़र्च
किसानों को सशक्त बनाने की कोशिश में सरकार ने अपना खज़ाना खोल दिया है। ये महज़ एक फंड की मंजूरी नहीं, बल्कि खेती-किसानी की दुनिया में एक इंक़लाब है! जिन मंडियों को बेहतर बनाने का काम होगा, उनमें सोजत सिटी, चौहटन, डीडवाना, जैतारण, बड़ी सादड़ी, डग, अजमेर (फल-सब्जी), बालोतरा, केशोरायपाटन, हिण्डौन सिटी, भगत की कोठी और अजमेर (अनाज) शामिल हैं। इन पर ₹43 करोड़ 87 लाख 13 हज़ार का ख़र्च आएगा, जो अगले तीन सालों में मंडी विकास निधि से किया जाएगा।
25 करोड़ से ज़्यादा की राशि से होगा बुनियादी ढांचा मज़बूत
मुख्यमंत्री ने सिर्फ इन 12 मंडियों तक ही अपनी मेहरबानी नहीं रखी है। उन्होंने झालरापाटन, जालोर, सीकर, बीकानेर (अनाज), जयपुर (अनाज), मुहाना, जयपुर (फल एवं सब्ज़ी), पूगल रोड (अनाज), बीकानेर और मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर) जैसी मंडी समितियों के लिए भी ₹25.95 करोड़ के क़रीब फंड मंज़ूर किया है।
इस राशि का इस्तेमाल मंडी समितियों में बिजली से जुड़े काम, यार्ड बनाने और संपर्क सड़कों के निर्माण के लिए किया जाएगा। इससे मंडियों का बुनियादी ढांचा बेहतर होगा और किसानों को अपनी फ़सल बेचने में सहूलियत होगी। इस ऐतिहासिक फैसले से किसानों में खुशी की लहर है।



