Homeन्यूज़ब्रेकिंग न्यूज़: RSS कार्यालय में साधु अवधेशानंद हत्याकांड! तत्कालीन RSS प्रचारक उत्तमगिरी...

ब्रेकिंग न्यूज़: RSS कार्यालय में साधु अवधेशानंद हत्याकांड! तत्कालीन RSS प्रचारक उत्तमगिरी को आजीवन कारावास

Published on

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने फैसले का किया स्वागत, 7 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला, हाईली सेंसेटिव मामला: तत्कालीन सरकार और पुलिस पर बढ़ा दबाव


सिरोही, 01 अगस्त, 2025। सिरोही जिले में 2018 के विधानसभा चुनावों की गहमागहमी के बीच आरएसएस कार्यालय में हुए सनसनीखेज साधु अवधेशानंद हत्याकांड में आज एक बड़ा फैसला आया है। जिला एवं सेशन न्यायाधीश रूपा गुप्ता ने तत्कालीन आरएसएस जिला प्रचारक उत्तमगिरी को अवधेशानंद की निर्मम हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। लगभग सात साल तक चले इस हाई-प्रोफाइल मुकदमे का यह निर्णय गुरुवार को जिला न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया, जिसके बाद मामले से जुड़ी पूरी तस्वीर और भी साफ हो गई है। यह फैसला तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार के दौरान हुए इस संवेदनशील मामले में न्याय की जीत माना जा रहा है।

क्या हुआ था उस काली रात? शांति नगर आरएसएस कार्यालय का खूनी मंजर

यह घटना 11 नवंबर, 2018 की शाम को सिरोही के शांति नगर स्थित आरएसएस के जिला कार्यालय में हुई थी। शहर में अचानक आरएसएस कार्यालय पर हमले और जिला प्रचारक सहित एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की सूचना जंगल की आग की तरह फैली। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जब कार्यालय का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था – एक कोने में साधु अवधेशानंद का लहुलुहान शरीर पड़ा था। एंबुलेंस कर्मियों ने मौके पर ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के पहुंचते ही संघ और भाजपा के कई कार्यकर्ता व नेता भी घटनास्थल पर पहुंच गए, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।

पुलिस की शुरुआती पड़ताल और गंभीर चोटों का खुलासा

अगले दिन, 12 नवंबर, 2018 को दोपहर करीब 1:10 बजे, पुलिस निरीक्षक रामप्रताप सिंह ने अपनी रपट में पूरी घटना का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम शांति नगर स्थित संघ कार्यालय और राजकीय चिकित्सालय सिरोही पहुंची। झगड़े में घायल उत्तमगिरी बयान देने की स्थिति में नहीं थे, इसलिए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा में उदयपुर रेफर कर दिया गया।

रपट में आगे लिखा गया कि संघ कार्यालय में एक साधु वेशधारी व्यक्ति कमरे में मरणासन्न अवस्था में मिला, जिसे एंबुलेंस स्टाफ ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान साधु अवधेशानंद के रूप में हुई, जो सिरोही में ‘एकल विद्यालय’ नामक संस्था चलाते थे। उनका शव चित अवस्था में दीवार से सटा हुआ था, जो खून से लथपथ था। उनके शरीर पर जगह-जगह गंभीर चोटें थीं, जिनसे खून निकलकर फर्श, दीवार और नीचे बिछी दरी पर फैल गया था। गर्दन में दाहिनी तरफ एक लंबा कटनुमा घाव, दाहिने कान, नाक, सिर, दाहिने हाथ की भुजा पर भी लंबा कटनुमा घाव, दाहिने गाल पर चोट और सीने में भी घाव पाए गए।

घटनास्थल के साक्ष्य और पुलिस की गहन जांच

घटनास्थल का ब्योरा देते हुए रपट में बताया गया कि मृतक के बाएं हाथ की ढीली मुट्ठी में एक छोटा धारदार चाकू था। उनके पैरों के पास एक छोटी, खून से सनी लाठी भी मिली। मृतक ने भगवा रंग की बनियान और लुंगी पहन रखी थी। घटनास्थल के कमरे और उससे सटे कमरे के पक्के फर्श पर खून के छींटे और संघर्ष के स्पष्ट निशान मौजूद थे। इस घटना की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों और पीसीआर को दी गई।

इसके बाद, पाली के खिवाड़ी संघ कार्यालय के शांतिलाल ने सिरोही थाने में एक रिपोर्ट दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि झगड़े की सूचना पर वे वहां पहुंचे थे। घायल जिला प्रचारक उत्तमगिरी ने उन्हें बताया कि अवधेशानंद ने संघ कार्यालय में तैयारी के साथ अनाधिकृत प्रवेश कर चाकू से उन पर जानलेवा हमला किया था, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस रिपोर्ट में हमले के समय दो अन्य व्यक्तियों की मौजूदगी का भी जिक्र था।


हाईली सेंसेटिव मामला: तत्कालीन सरकार और पुलिस पर बढ़ा दबाव

यह मामला उस समय पुलिस अधिकारियों के लिए अत्यंत संवेदनशील बन गया था। प्रदेश में विधानसभा चुनावों का माहौल था और वसुंधरा राजे की सरकार थी। जब यह खबर फैली कि संघ कार्यालय में हमला हुआ है और उसमें एक साधु की मौत हो गई है, तो यह सूचना ही सबको झकझोरने वाली थी। पुलिस तुरंत चौकन्नी हो गई और पुलिस अधीक्षक जय यादव भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। संघ कार्यालय से जुड़ा मामला होने के कारण आरएसएस और भाजपा के कार्यकर्ता व नेता भी बड़ी संख्या में वहां पहुंचे। अगले दिन, घटना की जानकारी मिलते ही आईजी भी सिरोही पहुंचे। दूसरे दिन, इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मोर्चरी पर पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन भी दिए गए और आक्रोश भी व्यक्त किया गया। इस दबाव के बीच, पुलिस ने अंततः आरएसएस के तत्कालीन जिला प्रचारक उत्तमगिरी को गिरफ्तार कर लिया।


55 पेज का ऐतिहासिक निर्णय: परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने किया गुनाह साबित

साधु अवधेशानंद की संघ कार्यालय में हुई हत्या के बाद, पुलिस ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उत्तमगिरी को गिरफ्तार किया था। जिला एवं सेशन न्यायाधीश रूपा गुप्ता द्वारा सुनाए गए 55 पेज के विस्तृत निर्णय के अनुसार, इस प्रकरण में लगभग 37 गवाहों को प्रस्तुत किया गया, जिनमें से कुछ पक्षद्रोही भी माने गए। हालांकि, महत्वपूर्ण गवाहों के बयानों और अन्य ठोस सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने यह ऐतिहासिक निर्णय सुनाया।

फैसले में मोबाइल सीडीआर, मौके पर मिले साक्ष्य, और खून के निशान जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया, जिन्होंने उत्तमगिरी को इस हत्या का दोषी साबित करने में अहम भूमिका निभाई।


न्यायालय का कड़ा रुख: “निर्मम हत्या में नरमी न्यायोचित नहीं”

न्यायालय ने बाड़मेर निवासी आरएसएस के तत्कालीन जिला प्रचारक उत्तमगिरी को दोषी करार देते हुए सजा पर बिंदुवार सुनवाई की। अभियुक्त उत्तमगिरी और उनके अधिवक्ता ने न्यायालय से नरमी बरतने का निवेदन किया, यह तर्क देते हुए कि वह गरीब और नौजवान है, यह उसका पहला अपराध है, और वह लंबे समय से विचाराधीन कैदी के रूप में समय बिता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिस्थितियों में अपराध हुआ है, उन्हें देखते हुए सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाना चाहिए।

इसके विपरीत, लोक अभियोजक लक्ष्मणसिंह बाला ने अभियुक्त के इन तर्कों का खंडन करते हुए उसे कठोर दंड से दंडित करने का निवेदन किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को ध्यानपूर्वक सुना और पत्रावली का अवलोकन किया।

न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट रूप से लिखा कि, “संपूर्ण साक्ष्य के अनुसार अभियुक्त उत्तमगिरी ने आपसी रंजिश के चलते अवधेशानंद की चाकू से उसके शरीर पर 30 से 40 घाव मारकर हत्या की है। इस प्रकार अभियुक्त उत्तमगिरी ने साशय अवधेशानंद की हत्या कारित की।” न्यायालय ने आगे कहा कि “अभियुक्त उत्तमगिरी द्वारा जिस प्रकार की निर्मम हत्या की गई है, उससे अभियुक्त के प्रति नरमी का रुख अपनाया जाना न्यायोचित नहीं है।”

घटना की निर्ममता को देखते हुए, न्यायालय ने आरएसएस के तत्कालीन जिला प्रचारक उत्तमगिरी को अवधेशानंद की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला न्याय के सिद्धांत को मजबूती प्रदान करता है और समाज में ऐसे गंभीर अपराधों के लिए कड़ा संदेश देता है।

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने फैसले का किया स्वागत

सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अदालत के इस आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “आरएसएस के 100 साल के जश्न की शुरुआत न्याय के साथ हुई है। संघ कार्यालय में साधु अवधेशानंदजी की लाठी और चाकू से निर्मम हत्या के संबंध में जिला प्रचारक उत्तम गिरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।”

लोढ़ा ने आगे आरोप लगाया, “गवाहों को दबाया गया, सिरोही के कई लोगों ने इस हत्याकांड में झूठी गवाही देकर खुद को बचाने की कोशिश की। लेकिन सच सूरज की रोशनी की तरह होता है।”


मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस कार्रवाई

सिरोही पुलिस ने 2018 में अवधेशानंद महाराज की हत्या के संबंध में उत्तम गिरी के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी। बजरंग दल ने आरोप लगाया था कि अवधेशानंद महाराज की हत्या सिरोही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कुछ सदस्यों द्वारा सुनियोजित थी। आरोप था कि आरएसएस के कुछ सदस्य अवधेशानंद महाराज द्वारा संघ की अनुमति के बिना सिरोही कस्बे में शुरू की गई एक “शाखा” से नाखुश थे।

यह फैसला इस हाई-प्रोफाइल मामले में न्याय की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसकी सुनवाई लगभग सात साल तक चली।

पढ़ें जालोर, सिरोही, पाली, बाड़मेर सहित मारवाड़ परगने के साथ-साथ देश-विदेश की ख़बरें अब Circle News® हिन्दी में (CircleNews.in)। ब्रेकिंग खबरों के लाइव अपडेट, विश्लेषण और वीडियो खबरों के लिए हमारा अनुसरण करें और यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें, घंटी के आइकन को दबाकर नवीनतम अपडेट्स पाएं। विज्ञापन देने या हमारे साथ सहयोग करने के इच्छुक हैं? 9829441487 पर वाट्सअप के माध्यम से हमसे संपर्क करें।
राव गुमान सिंह
राव गुमान सिंहhttps://circlenews.in/
एक स्वतंत्र डिजिटल पत्रकार, एंकर, और फोटोग्राफर के रूप में, मैंने अपने काम के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किया है। मैं वर्तमान में कई विविध प्लेटफार्मों पर गहन कहानियों और समाचारों को साझा करता हूँ। मेरे ट्वीट्स और रीट्वीट्स पूरी तरह से व्यक्तिगत होते हैं, जो मेरे निजी विचारों और रुचियों को प्रतिबिंबित करते हैं। मेरा उद्देश्य है सच्चाई को उजागर करना और उन कहानियों को सामने लाना जो समाज में परिवर्तन ला सकें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Captcha verification failed!
CAPTCHA user score failed. Please contact us!

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Advertisment

Advertisement

Latest articles

हलधर की हुंकार: रानीवाड़ा में कल गूंजेगा किसानों का दर्द, समस्याओं के समाधान तक आर-पार की लड़ाई का ऐलान

अकाल घोषित करने, जंगली जानवरों के आतंक से मुक्ति और फसल बीमा क्लेम समेत...

संस्कारों की टकसाल: खेल-कूद में गढ़े जा रहे जीवन मूल्य, मातृशक्ति सीख रही स्वाभिमान की नई परिभाषा

श्री क्षत्रिय युवक संघ के शिविर में बही संस्कार-सरिता, रश्मि कंवर बोलीं—'चारित्रिक श्रेष्ठता ही...

जनभावनाओं के अनुरूप संवरेगा सिरोही, चुनावी घोषणा पत्र बनेगा परिषद का ‘संकल्प पत्र’

सिरोही नगर परिषद्: नवनिर्वाचित सभापति रितु पुनीत जैन ने संभाली कमान | बदहाली और...

सफेद कोट (डॉक्टर) की आड़ में नशे का काला कारोबार: मालवाड़ा चार रास्ता पर एर्टिगा से 27 हजार से अधिक प्रतिबंधित गोलियां जब्त

एटीएस जोधपुर और रानीवाड़ा पुलिस की बड़ी संयुक्त कार्रवाई, गुजरात के डॉक्टर और मेडिकल...

दूसरी खबर ये भी

जनभावनाओं के अनुरूप संवरेगा सिरोही, चुनावी घोषणा पत्र बनेगा परिषद का ‘संकल्प पत्र’

सिरोही नगर परिषद्: नवनिर्वाचित सभापति रितु पुनीत जैन ने संभाली कमान | बदहाली और...

जांचें आपके आईडी पर कितने सिम चालू हैं, एक छोटी सी लापरवाही पहुंचा सकती है जेल!

फर्जी सिम के जरिए साइबर फ्रॉड का बड़ा खेल, जालोर पुलिस ने जारी की...

रोजगार मेला: देश को मिले 51 हजार से ज्यादा नए ‘राष्ट्र निर्माता’

पीएम मोदी बोले— सरकारी सेवा में हमारा मूल मंत्र हो ‘नागरिक देवो भव’, 2047...

सरकारी तिजोरी में ‘बाप-बेटे’ का डाका, कागजों में ठेकेदार… असल में VDO के पिता के खाते में पहुंचे ₹4.76 लाख

नाली निर्माण से लेकर पौधारोपण तक के नाम पर फर्जीवाड़ा; जांच में जुर्म साबित...

धाकड़ नाम बताया, ढाबे पर शराब पार्टी करते पकड़ा गया 25 हजार का इनामी प्रकाश

राजस्थान ANTF के 'ऑपरेशन नाम्नाविलोम' के जाल में फंसा भीलवाड़ा MD फैक्ट्री कांड का...

राजस्थान ANTF का बड़ा धमाका: 1400 KM दूर तक थर्राया नशा माफिया, तेलंगाना के 3 वॉन्टेड तस्कर जालोर-पाली से दबोचे

‘तुम मांगो मदद, हम देंगे नशा मुक्ति!’: तेलंगाना पुलिस की 2 साल पुरानी आस...

विकास की सौगात: शिवगंज पंचायत समिति में 30 लाख से 7 ट्यूबवेल स्वीकृत, प्रधान ललिता कुंवर ने जाते-जाते निभाया अपना वादा

सर्कल न्यूज़ नेटवर्क शिवगंज। पंचायत समिति शिवगंज के अधीन आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों...

भीनमाल में अध्यक्ष पद की जंग हुई बेहद तेज, मनोज गुप्ता और प्रेमराज बोहरा आमने-सामने; 13 निर्दलीयों के रुख पर टिकी निगाहें

📰 सर्कल न्यूज़ नेटवर्क (विशेष राज्य समाचार - भीनमाल संस्करण) सियासत का सबसे बड़ा 'सर्जिकल स्ट्राइक'...