नशे के सौदागरों के खिलाफ राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एडीजी दिनेश एमएन के मार्गदर्शन और आईजी विकास कुमार के निर्देशन में टीम ने ‘ऑपरेशन मदांदन’ चलाकर झारखंड के घोर नक्सल प्रभावित इलाके चतरा से ₹30,000 के इनामी तस्कर अंकित राज उर्फ अंकित कुमार सिंह को धर दबोचा। यह शातिर अपराधी पिछले 3 साल से फरार चल रहा था और झारखंड में मजदूरी की आड़ में मणिपुर से लेकर राजस्थान तक फैले ड्रग्स तस्करी के काले साम्राज्य को ऑपरेट कर रहा था।
सगाई के बाद ‘आदर्श पति’ बनने का शौक, पुरानी पहचान छिपाने को बना मजदूर
पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए 29 वर्षीय अंकित लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहा था। करीब 10 दिन पहले जब ANTF की टीम मारवाड़ की ग्राहक पार्टी बनकर उसके इलाके में गई, तो कड़े सुरक्षा चक्र के कारण सफलता नहीं मिली।
हाल ही में टीम को इनपुट मिला कि अंकित की सगाई हो चुकी है और वह मंगेतर के सामने ‘आदर्श पति’ और हीरो बनना चाहता था। शादी तक वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था, इसलिए उसने तस्करी का धंधा कुछ समय के लिए थामकर हजारीबाग रोड स्टेशन के पास केरूआ नदी पर चल रहे रेलवे अंडरपास के काम में सुपरवाइजर और जेसीबी ऑपरेटर का चोला ओढ़ लिया।
जब सिविल इंजीनियर बनकर मौके पर पहुंची ANTF की टीम
झारखंड के इस दुर्गम इलाके में खुलेआम दबिश देना नामुमकिन था। ऐसे में ANTF की टीम रेलवे की सिविल इंजीनियर बनकर मौके पर जा धमकी। टीम ने वहां काम कर रहे मजदूरों को ₹5,000-5,000 अकाउंट में सरकारी मदद आने का झांसा देकर उनका नाम-पता पूछना शुरू किया।
मजदूरों ने इशारा किया कि जेसीबी चलाने वाले साहब ही उनके मुखिया हैं। टीम तुरंत जेसीबी के पास पहुंची, उसे रुकवाकर पूछताछ शुरू की और पहचान पक्की होते ही शातिर अंकित को दबोच लिया।
फिल्म ‘शक्ति’ जैसी हकीकत: हेड कांस्टेबल पिता ने कहा— ‘करनी का फल भुगतेगा बेटा’
गिरफ्तार तस्कर अंकित के पिता खुद झारखंड पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। जब उन्हें बेटे के इस काले कारनामे का पता चला था, तो उन्होंने उसे रोकने की बहुत कोशिश की थी, लेकिन अंकित पर तो रातों-रात अमीर बनने का भूत सवार था। पिता ने उसे चेतावनी भी दी थी कि एक दिन उसे अपने कर्मों की सजा भुगतनी पड़ेगी और जेल की हवा खानी पड़ेगी, जिसे अंकित ने अनसुना कर दिया था।
सीट नहीं मिली तो ट्रेन के फर्श पर बैठकर काटा 1500 किमी का सफर
अंकित को पकड़ने के बाद राजस्थान लाना एक बड़ी चुनौती थी। वापसी के दौरान ट्रेन में ANTF की टीम को बैठने के लिए सीट तक नहीं मिली। लेकिन हौसले इतने बुलंद थे कि टीम ने करीब 1500 किलोमीटर की दूरी ट्रेन के गेट के पास फर्श पर बैठकर तय की और अपराधी को सुरक्षित राजस्थान लेकर पहुंची।
एक ट्रिप में 20 क्विंटल की सप्लाई, कमाता था ₹30 लाख
अंकित ने पूछताछ में उगला कि उसने 2021-22 में मणिपुर जाकर इस काले धंधे के गुर सीखे थे। इसके बाद उसने झारखंड के सुदूर इलाकों के गरीब किसानों से संपर्क साधा और महज ₹500 प्रति किलो के भाव पर भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ (अफीम/डोडा) इकट्ठा करने लगा। इस माल को वह राजस्थान और अन्य राज्यों के तस्करों को ₹1500 से ₹2000 प्रति किलो के भाव बेचता था।
वह एक बार में कम से कम 20 क्विंटल माल की खेप गाड़ियों में लोड करवाकर भेजता था और प्रति ट्रिप ₹20 से ₹30 लाख का मोटा मुनाफा कमाता था। साल 2023 में उसने बीकानेर के तस्कर प्रदीप को एक बहुत बड़ी खेप भेजी थी, जिसे बीकानेर की देशनोक पुलिस ने पकड़ लिया था, तभी से वह वांछित चल रहा था।
तीन राज्यों के ड्रग नेटवर्क से उठेगा पर्दा
आईजी विकास कुमार ने बताया कि अंकित की गिरफ्तारी से मणिपुर, झारखंड और राजस्थान के बीच फैले ड्रग्स के एक बहुत बड़े त्रिकोण का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े मगरमच्छों की तलाश कर रही हैं। इस शानदार ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पूरी ANTF टीम को मुख्यालय पर विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
जनता से अपील: आईजी ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अपराधी या ड्रग तस्करी से जुड़ी सूचना ANTF के कंट्रोल रूम नंबर 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।



