“शताब्दी वर्ष में संघ का संकल्प: लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के खिलाफ हिंदू चेतना, रानीवाड़ा में हुआ शस्त्र पूजन और विशाल पथ संचलन!”
रानीवाड़ा (जालौर): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) रानीवाड़ा नगर द्वारा विजयादशमी उत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जो इस वर्ष संघ के शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) के उपलक्ष्य में हिंदू चेतना के कार्यक्रम के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर शस्त्र पूजन, बौद्धिक सत्र और एक विशाल पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
नगर कार्यवाह प्रवीण कुमार ने बताया कि संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में संपूर्ण भारत में ‘हिंदू चेतना’ के कार्यक्रम हो रहे हैं, उसी क्रम में रानीवाड़ा में भी यह महत्वपूर्ण आयोजन हुआ। उन्होंने समाज से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथियों का उद्बोधन
मुख्य अतिथि पूज्य 1008 राजू गिरी महाराज, जाणा मठ, शिवगंज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि वर्तमान समय में हिंदू समाज बिखराव का सामना कर रहा है, जिसका सीधा लाभ विधर्मी शक्तियाँ उठा रही हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा और उत्थान के लिए समाज को संगठित होना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य वक्ता एवं जालौर विभाग प्रचारक अनिल कुमार ने अपने बौद्धिक में संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ का यह शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि संपूर्ण हिंदू समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने का एक महाअभियान है। उन्होंने पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव पर गहरी चिंता व्यक्त की, जिसके कारण भारतीय संयुक्त परिवार प्रणाली टूटती जा रही है।
पश्चिम की संस्कृति पर गंभीर चेतावनी
विभाग प्रचारक अनिल कुमार ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति को अपनाने का ही परिणाम है कि आज हमारा समाज लव जिहाद, धर्म परिवर्तन और लिव-इन-रिलेशनशिप जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक समाज अपनी जड़ों, यानी संयुक्त परिवार और सनातन मूल्यों से जुड़ा रहेगा, तब तक ऐसी विकृतियाँ समाज को हानि नहीं पहुँचा पाएँगी। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करें और हिंदू समाज को पुनः एकजुट करें।
शस्त्र पूजन और पथ संचलन
बौद्धिक सत्र के बाद, परम्परागत रूप से शस्त्र पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें मर्यादा और शक्ति के प्रतीक स्वरूप शस्त्रों की पूजा की गई। इसके उपरांत, भगवा ध्वज के साथ स्वयंसेवकों द्वारा नगर के प्रमुख मार्गों से एक भव्य पथ संचलन (रूट मार्च) निकाला गया। इस संचलन के दौरान स्वयंसेवकों का अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का भाव देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम को संत सान्निध्य प्रदान करने के लिए श्री श्री १००८ रतन भारती महाराज, सेवाडिया मठ और श्री महादेवानंद, धानोल उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला संघ चालक डॉ. किशन लाल और खंड संघ चालक रमेश कुमार सहित संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।



