विधायक रतन देवासी के मार्गदर्शन में NSUI का रानीवाड़ा में बड़ा प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।
रानीवाड़ा (जालौर)।
देश के लाखों नौजवानों के सपनों पर चले ‘पेपर लीक’ के हथौड़े ने अब रानीवाड़ा की शांत सियासी आबोहवा में भी भारी उबाल ला दिया है। नीट (NEET) परीक्षा में सामने आई कथित धांधली और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की साख पर लगे बट्टे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और युवा कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपना लिया है। बृहस्पतिवार को छात्र शक्ति और युवा नेताओं के बड़े जत्थे ने एसडीएम दफ्तर का घेराव करते हुए केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुष्मिता गर्ग ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक छात्र का अधिकार है और पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय हैं। उन्होंने कहा कि यदि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों पर बल प्रयोग किया जाता है, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन: “नैतिकता बची है तो कुर्सी छोड़ें शिक्षा मंत्री”
उपखण्ड अधिकारी (SDM) रानीवाड़ा के जरिए महामहिम राष्ट्रपति के नाम भेजे गए ज्ञापन में छात्र नेताओं ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिन-रात एक करके परीक्षा की तैयारी करने वाले मेधावी छात्रों के भविष्य को चंद भू-माफियाओं और भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र की बलि चढ़ा दिया गया है।

यूं गरमाया रानीवाड़ा का सियासी तापमान:
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े कार्यकर्ता: ज्ञापन में दो टूक मांग रखी गई कि इतने बड़े राष्ट्रीय घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान तत्काल अपने पद से त्यागपत्र दें।
- निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग: पूरे प्रकरण की किसी निष्पक्ष और पारदर्शी एजेंसी या सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जाए।
- कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई: लीक तंत्र के मुख्य आकाओं से लेकर फर्जीवाड़े में शामिल छोटी-बड़ी हर कड़ी के खिलाफ ऐसी मिसाल पेश की जाए, जिससे आइंदा कोई छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके।
“चेतावनी नहीं, यह अल्टीमेटम है”: उग्र छात्र आंदोलन की सुगबुगाहट
एसडीएम कार्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मामले पर तुरंत कोई ठोस और संतोषजनक कदम नहीं उठाया, तो इस जन-आक्रोश की चिंगारी रानीवाड़ा से निकलकर पूरे प्रदेश और देश की सड़कों तक पहुंचेगी। आने वाले दिनों में इस आंदोलन को बेहद उग्र और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व व अहम भूमिका विशेष रूप से रानीवाड़ा विधानसभा अध्यक्ष उम्मेदसिंह झाला, रानीवाड़ा ब्लॉक अध्यक्ष राजेश रोहिण, जिला उपाध्यक्ष एवं युवा कांग्रेस जिला महासचिव रघुवीर सिंह सोलंकी तथा जिला उपाध्यक्ष सोहन खिलेरी की रही।
जिलेभर के प्रमुख छात्र व युवा चेहरों ने दिखाई ताकत
प्रदर्शन के दौरान रानीवाड़ा और जालौर जिले के कई अग्रिम संगठनों के नेता एक मंच पर नजर आए। इस दौरान शक्ति प्रदर्शन में:
- NSUI जालौर जिला अध्यक्ष: सुष्मिता गर्ग
- युवा कांग्रेस नेता: रमेश सारण
- NSUI जिला उपाध्यक्ष: रघुवीर सिंह सोलंकी
- अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी: नरेश खिलेरी, घमंडाराम सारण, हरीश कुमार राणा, जितेंद्र कुमार मेघवाल, विकास कुमार परिहार, जसवंत सिंह देवल, नारायण सिंह, कैलाश गोयल, जितेंद्र रांगी, राहुल परमार, उमेद सिंह झाला, अम्बालाल चितारा, नरपत परमार, चेतन कलाल सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, युवा कांग्रेस कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र और युवा कार्यकर्ता पूरी एकजुटता के साथ उपस्थित रहे।



