करोड़ों के सरकारी बजट पर फिरा पानी; बड़गांव-रोड़ा मार्ग पर निजी सोलर कंपनी की दादागीरी, PWD मूकदर्शक
एक तरफ सरकार सौर ऊर्जा (क्लीन एनर्जी) को बढ़ावा देने के लंबे-चौड़े दावे कर रही है, तो दूसरी तरफ धरातल पर इसकी आड़ में ‘अंधेरगर्दी’ का खेल धड़ल्ले से जारी है। ग्रीन एनर्जी के नाम पर वाहवाही बटोरने वाली नीतियां अब आमजन के लिए मुसीबत और सरकारी खजाने के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला बड़गांव से रोड़ा सड़क मार्ग पर सामने आया है, जहां एक निजी सोलर कंपनी ने सरकारी नियमों और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) को ताक पर रख दिया है।

मामला क्या है? (नवीन सड़क को किया जमींदोज)
हाल ही में आमजन की सुविधा के लिए लाखों-करोड़ों की लागत से बड़गांव से रोड़ा सड़क मार्ग का निर्माण कराया गया था। लेकिन रामपुरा से अमरापुरा के बीच इस नवीन मार्ग की सूरत बिगाड़ने में एक निजी सोलर कंपनी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। कंपनी द्वारा जबरन पोल खड़े कर हाई-टेंशन लाइन निकाली जा रही है।
मनमानी की हद तो तब हो गई जब कंपनी ने पीडब्ल्यूडी (PWD) को खुला चैलेंज देते हुए नवनिर्मित सड़क के किनारे बनी पटरी (बर्म) को पूरी तरह तोड़ दिया। इससे जनता के टैक्स के पैसों से बनी सरकारी संपत्ति को लाखों रुपए का नुकसान पहुंचा है।

PWD ने माना ‘अतिक्रमण’, फिर भी कार्रवाई के नाम पर ‘सिफर’
हैरानी की बात यह है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने इस पूरे कृत्य को ‘अवैध अतिक्रमण’ की श्रेणी में माना है। इसके बावजूद कंपनी बेखौफ होकर काम को अंजाम दे रही है। विभाग की इस चुप्पी और सुस्ती ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- जब विभाग इसे अतिक्रमण मान रहा है, तो काम को तुरंत रुकवाया क्यों नहीं गया?
- क्या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली कंपनी पर कोई एफआईआर (FIR) दर्ज हुई?
- इस बेखौफ निर्माण का असली जिम्मेदार कौन है?
दुर्घटनाओं को न्योता: सड़क के बिल्कुल नजदीक खड़े किए जा रहे इन खंभों और तारों की वजह से इस मार्ग पर भविष्य में भीषण दुर्घटनाओं का खतरा चौबीसों घंटे मंडराता रहेगा।
बड़े किसान और भूमाफियाओं को खुश करने का खेल!
अक्सर सरकारी नीतियों में सौर ऊर्जा की बड़ी-बड़ी तारीफें की जाती हैं, लेकिन जमीन पर इसका फायदा सिर्फ चंद बड़े रसूखदार किसानों और भूमाफियाओं को ही मिल रहा है। सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर कौड़ियों के भाव जमीनें हथियाने और फिर नियमों को तोड़कर लाइनें बिछाने के इस खेल में प्रशासन की मिलीभगत साफ नजर आती है। आम जनता के हितों की बलि देकर पूंजीपतियों की जेबें भरी जा रही हैं।
इनका कहना है: प्रशासन को खुली चेतावनी
“हालिया नवीन बनी सड़क बड़गांव से रोड़ा सड़क मार्ग के रामपुरा से अमरापुरा तक निजी सोलर कंपनी द्वारा पोल खड़े कर लाइन निकाली जा रही है, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हैं। पूरा घटनाक्रम अतिक्रमण की श्रेणी में है और खुद सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इसे माना है, पर कोई जिम्मेदारी तय नहीं हो रही है। प्रशासन इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कड़ी कार्रवाई करे, वरना समस्त आसपास के ग्रामीण खुद इस अतिक्रमण को हटाने को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी।”
— भावेश राजपुरोहित, एक्टिविस्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता



