डीआरएम को भेजा ज्ञापन: नया प्लेटफार्म बनाने के चक्कर में पूर्व दिशा का रास्ता रोका, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
धनेरा/जोधपुर @ सर्कल न्यूज नेटवर्क जोधपुर मंडल के तहत आने वाले धनेरा रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य ने स्थानीय निवासियों, किसानों और छात्रों की नाक में दम कर दिया है। समदडी-भीलडी रेलवे ट्रैक पर हो रहे दोहरीकरण और नए प्लेटफार्म निर्माण के चलते रेलवे ने पूर्व दिशा में स्थित वर्षों पुराने आम रास्ते को बंद कर दिया है। इसके विरोध में अब स्थानीय लोग लामबंद हो गए हैं।
गुरूवार को नजीर एन शेख, कालू भाई यू तारक, सघाभाई, मफाभाई चौधरी समेत कई ग्रामीणों ने जोधपुर डीआरएम (मंडल रेल प्रबंधक) को ज्ञापन भेजकर तुरंत रास्ता बहाल करने की मांग की है।

किसानों के खेत और बच्चों के स्कूल का रास्ता हुआ ब्लॉक डीआरएम को भेजे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने सिस्टम की लापरवाही की पोल खोली है। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे स्टेशन के पूर्व दिशा में कई किसानों की खातेदारी जमीनें (आराजी) हैं। नई ट्रैक और प्लेटफार्म बनने से वहां जाने वाला रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया है।
- सबसे बडी परेशानी: इस रास्ते के बंद होने से छोटे बच्चों को स्कूल जाने में भारी दिक्कत हो रही है।
- यात्रियों की फजीहत: ग्रामीण इलाकों से ट्रेन पकडने आने वाले मुसाफिरों को अब स्टेशन तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर काटना पड रहा है।
पहले मीटर गेज के समय भी हुआ था विवाद यह पहली बार नहीं है जब रेलवे ने ग्रामीणों का रास्ता रोका हो। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में जब मीटर गेज से ब्रॉड गेज (बडी लाइन) का काम चल रहा था, तब भी यह रास्ता बंद किया गया था। उस वक्त किसानों और पैसेंजर्स ने भारी विरोध किया और रेलवे मंत्रालय को ज्ञापन दिया था, जिसके बाद रास्ता चालू रखा गया था। लेकिन अब नया प्लेटफार्म बनाने की आड में फिर से वही मनमानी की जा रही है।
सांसद और जीएम तक पहुंची शिकायत रास्ता रोके जाने से नाराज ग्रामीणों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत केवल जोधपुर डीआरएम से ही नहीं, बल्कि रेलवे जीएम (दिल्ली), बनासकांठा सांसद गेनी बेन ठाकोर और धनेरा एसडीएम से भी की है।
मांग: मौका मुआयना कर तुरंत निकालें समाधान ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि रेलवे के अधिकारी मौके पर आकर स्थिति का जायजा लें। अगर पूर्व दिशा के किसानों और विद्यार्थियों के लिए आवागमन का रास्ता सुचारू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या एक बडे आंदोलन का रूप ले सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि विकास कार्य जरूर हो, लेकिन आम जनता के पांवों में बेडियां डालकर नहीं।



