रोजगार क्रांति: पहली बार नौकरी पाने वालों को मिलेंगे ₹15,000 तक, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के मालिकों को 4 साल तक बंपर मदद
जोधपुर। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जोधपुर के काजरी (CAZRI) ऑडिटोरियम में ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) के तहत एक विशेष क्षेत्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम के समानांतर हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 15 लाख से अधिक लाभार्थियों के खातों में ₹2,400 करोड़ की भारी-भरकम प्रोत्साहन राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की।

जोधपुर के इस प्रादेशिक जलसे में राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं, जोधपुर शहर के विधायक अतुल भंसाली और पूर्व महापौर घनश्याम ओझा ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत की। काजरी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 310 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें 196 लाभार्थी, 58 नियोक्ता (मालिक), उद्योग संघों के प्रतिनिधि और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के आला अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत में क्षेत्रीय भ.नि. आयुक्त-।। सुरेंद्र कुमार मीणा ने स्वागत भाषण दिया।
हाथों-हाथ बांटे नियुक्ति पत्र, चेहरों पर आई मुस्कान
कार्यक्रम के दौरान काजरी ऑडिटोरियम में मौजूद नियोक्ताओं ने नए चुने गए कर्मचारियों को अपने हाथों से नौकरी के नियुक्ति-पत्र सौंपे। रोजगार का तोहफा और सरकार से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की बात सुनकर उपस्थित कर्मचारियों और फैक्टरी मालिकों ने इस योजना की जमकर तारीफ की।
क्या है यह योजना और कैसे मिलेगा फायदा?
क्षेत्रीय भ.नि. आयुक्त-। डॉ. अजय सिंह चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस योजना की बारीकियों को समझाया। उन्होंने बताया कि यह स्कीम देश में संगठित रोजगार बढ़ाने और युवाओं को सामाजिक सुरक्षा देने में मील का पत्थर साबित होगी। योजना की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- पहली बार नौकरी वालों को बंपर मदद: संगठित क्षेत्र में पहली बार कदम रखने वाले कर्मचारियों को उनके एक महीने के वेतन के बराबर (अधिकतम ₹15,000 तक) प्रोत्साहन राशि सीधे दी जाएगी।
- मालिकों को भी फायदा: नया रोजगार पैदा करने वाले नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी ₹3,000 महीना तक की सरकारी मदद मिलेगी।
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर विशेष जोर: फैक्टरी और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े मालिकों को यह सरकारी मदद पूरे 4 साल तक मिलेगी, जबकि अन्य क्षेत्रों के व्यापारियों को यह प्रोत्साहन 2 साल के लिए दिया जाएगा।



