सर्कल न्यूज़ नेटवर्क, जालोर। मारवाड़ की तपती धरती पर इस बार केवल मौसम का ही पारा नहीं चढ़ा है, बल्कि जालोर जिले में होने जा रहे दो बड़े सियासी दिग्गजों के दौरों ने राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ भाजपा के कद्दावर नेता और राज्यमंत्री ओटाराम देवासी धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए समाज और संगठन को धार देने आ रहे हैं, तो दूसरी तरफ पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की सक्रियता ने कांग्रेस के दोनों धड़ों में नई जान फूंक दी है। हालांकि ये कार्यक्रम पूर्णतः धार्मिक और सामाजिक हैं, लेकिन मठ-अखाड़ों और देवस्थानों की इस भूमि पर दिग्गजों की उपस्थिति के गहरे सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। विशेषकर ओटाराम देवासी का महंतों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में जाना और सचिन पायलट का जालोर के कार्यक्रमों में शामिल होना, आने वाले समय में मारवाड़ की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत दे रहा है।
राज्यमंत्री ओटाराम देवासी: समाज और संगठन को एकजुट करने की कवायद
राजस्थान सरकार के राज्यमंत्री ओटाराम देवासी 22 अप्रैल को जालोर और सांचौर जिले के सघन दौरे पर रहेंगे। उनका यह दौरा शिवगंज के धार्मिक समारोहों से शुरू होकर सांचौर के सरवाणा और सायला के पांथेड़ी तक पहुंचेगा। ओटाराम देवासी सरवाणा में गुरु श्री जेताराम जी एवं श्री कानाराम जी महाराज के नवनिर्मित मंदिर में मूर्ति स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में शिरकत करेंगे। उल्लेखनीय है कि जालोर-सिरोही क्षेत्र के अधिकांश मठों और अखाड़ों पर देवासी समाज के महंतों का वर्चस्व रहा है, ऐसे में ओटाराम देवासी का यह दौरा न केवल देवासी-रेबारी समाज को संगठित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, बल्कि भाजपा के पक्ष में माहौल को और अधिक मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा भी दिख रहा है। वे स्थानीय कार्यकर्ताओं और समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ वैवाहिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल होकर अपनी जमीनी पकड़ को दोहराएंगे।
सचिन पायलट का दौरा: जालोर में कांग्रेस के लिए नई संजीवनी
कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट 23 अप्रैल (गुरुवार) को जालोर जिले के विशेष दौरे पर रहेंगे। पायलट सुबह 10:00 बजे हेलीकॉप्टर से सांचौर के सरवाणा स्थित श्री जेतेश्वर धाम पहुंचेंगे, जहां वे नवनिर्मित मंदिर में आयोजित प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लेंगे। इसके बाद दोपहर 11:30 बजे वे सायला तहसील के पांथेड़ी गांव में श्री चामुण्डा माताजी (सुंधा माताजी) और बाबा रामदेव जी के मंदिर महोत्सव में शामिल होंगे। मारवाड़ की राजनीति में सचिन पायलट की मौजूदगी हमेशा से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह भरने वाली रही है। उनकी सक्रियता से जालोर कांग्रेस के दोनों धड़े अचानक सक्रिय नजर आने लगे हैं। जानकारों का मानना है कि इस धार्मिक आयोजन के जरिए पायलट जनता के बीच अपनी पैठ को और गहरा करेंगे। हालांकि इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन अभी तक उनका कोई आधिकारिक प्रोग्राम सामने नहीं आना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे भविष्य के किसी बड़े ‘सियासी उलटफेर’ की आहट के रूप में देखा जा रहा है।
मेरा सोचना
जालोर और सांचौर की सरजमीं पर होने जा रहे ये दोनों बड़े दौरे यह स्पष्ट करते हैं कि आगामी दिनों में मारवाड़ का राजनीतिक समीकरण बदलने वाला है। एक तरफ जहां भाजपा अपने पारंपरिक वोट बैंक और धार्मिक आस्थाओं को सहेजने में जुटी है, वहीं सचिन पायलट की लोकप्रियता कांग्रेस के बिखरे हुए उत्साह को समेटने का काम कर रही है। अब देखना यह होगा कि धर्म और आस्था के इन आयोजनों से निकली यह ‘सियासी गर्मी’ चुनावी रण में किसके पक्ष में हवा बनाती है।



