दोस्ती की आड़ में लूटी अस्मत, फिर अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर दी खौफनाक धमकी; अहमदाबाद और बेंगलुरु में खाक छान रही भीनमाल पुलिस के हत्थे चढ़ा 21 साल का शातिर आरोपी
जालौर / भीनमाल: दो महीने की लंबी फरारी, ठिकाने बदलने की शातिर चालें और पुलिस को लगातार चकमा देने की कोशिशें—आखिरकार कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकीं। भीनमाल पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले में कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोपों में फरार चल रहे वांछित आरोपी को धर दबोचा है।
दोस्ती के नाम पर धोखा, फिर सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने पहले पीड़िता से दोस्ती की और फिर उसकी बिना सहमति के उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। आरोपी की दरिंदगी यहीं नहीं थमी; उसने पीड़िता की आपत्तिजनक व अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं और उसे लगातार धमकियां भी देता रहा। इस संबंध में पुलिस थाना भीनमाल में प्रकरण संख्या 303/2026 धारा 308(2), 64(2) एम बीएनएस तथा 66ई, 67 आईटी एक्ट के तहत संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
अहमदाबाद से बेंगलुरु तक बिछाया जाल वारदात के बाद से ही आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से दूर था। जिले में वांछित व इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह इन्दौलिया के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम गोदारा व पुलिस उप अधीक्षक (वृताधिकारी भीनमाल) शंकरलाल मसूरिया के सुपरविजन में भीनमाल थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में गुजरात के अहमदाबाद से लेकर कर्नाटक के बेंगलुरु तक कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। लगातार सुरागकशी और सटीक सूचना के आधार पर 11 अक्टूबर 2026 को आरोपी को दस्तयाब कर लिया गया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने पीड़िता के साथ अनाचार करने, अश्लील तस्वीरें वायरल करने और धमकाने का जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
यह है गिरफ्तार आरोपी पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान जीवेश कुमार उर्फ जीवाराम पुत्र देवारामजी, उम्र 21 साल, पेशा मजदूरी, निवासी जगजीवन राम कॉलोनी भीनमाल (वर्तमान निवासी गोडीजी मंदिर के पास, भीनमाल, जिला जालौर) के रूप में हुई है।
कार्यवाही में शामिल पुलिस टीम शातिर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने वाली टीम में उपनिरीक्षक (सउनि) प्रेमाराम, कांस्टेबल प्रेमचंद (कांस्टेबल संख्या 1105) तथा कांस्टेबल श्रवण कुमार (कांस्टेबल संख्या 589) शामिल रहे। पुलिस अब आरोपी से मामले के अन्य पहलुओं को लेकर गहन अनुसंधान कर रही है।









पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां