सांसद लुम्बाराम की अध्यक्षता में हुई बैठक; कलेक्टर ने दिए जांच के सख्त निर्देश, कहा—जनता के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं।
जालौर | जिला मुख्यालय पर मंगलवार को सांसद लुम्बाराम की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) में व्याप्त भ्रष्टाचार और पाइपलाइन बिछाने में हुई अनियमितताओं का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया।

देवासी ने अधिकारियों को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कार्यों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी, तो वे जनहित में न्यायालय की शरण लेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मानक के कार्य किए जा रहे हैं, जिससे जनता को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विधायक के तेवरों को देख विभागीय अधिकारियों ने सफाई देने की कोशिश की, लेकिन विधायक उनके जवाबों से संतुष्ट नजर नहीं आए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार की किसी भी शिकायत पर तुरंत जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता बरतने और तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने की हिदायत दी। बैठक में जिले के अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्य समाचार
- भ्रष्टाचार पर वार: विधायक रतन देवासी ने जल जीवन मिशन में हो रही धांधली को बैठक का मुख्य मुद्दा बनाया।
- कोर्ट की चेतावनी: विधायक ने साफ कहा कि "जेजेएम में सुधार कर दो, अन्यथा हम लोगों को लेकर कोर्ट जाएंगे।"
- अफसरों की घेराबंदी: पाइपलाइन और निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे गए।
- सांसद की मौजूदगी: सांसद लुम्बाराम की अध्यक्षता में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
- कलेक्टर का कड़ा रुख: जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और जांच के निर्देश दिए।







पाठक टिप्पणियां (Comments)
0 टिप्पणियां