जालोर, 26 जुलाई। राजस्थान कांग्रेस अब अपनी संगठनात्मक बैठकों को लेकर गंभीर हो गई है। बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारियों पर अब गाज गिरनी तय है। जालोर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल ने जिले के 32 ऐसे पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जो बैठकों में नियमित रूप से गैरहाजिर रहे हैं। पार्टी आलाकमान के सख्त निर्देशों के बाद यह कार्रवाई की गई है, जिससे संगठन में अनुशासन और सक्रियता बनी रहे।

नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई पदाधिकारी बिना किसी उचित कारण के लगातार तीन बैठकों से अनुपस्थित रहता है, तो उसे पद से हटाया जा सकता है। जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल ने बताया कि पार्टी की बैठकों को लेकर पहले भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं, जिसमें पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। इसके बावजूद कुछ पदाधिकारियों द्वारा बैठकों में रुचि नहीं दिखाई जा रही है, जो कि संगठन के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूती और आगामी चुनावों की तैयारियों के लिए सभी पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
गौरतलब है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस के निर्देशानुसार लगातार तीन बैठकों में नहीं आने पर अंतिम सूचना प्रेषित की जा रही है। इसके बाद भी यदि अनुपस्थिति जारी रहती है तो संगठन कठोर कदम उठाने के लिए बाध्य होगा। जिलाध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे आगामी बैठकों में समय पर उपस्थित रहकर पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय योगदान दें, ताकि प्रदेश कांग्रेस को समय पर तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजी जा सके।
कांग्रेस के इस सख्त रवैये से संगठन में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि नोटिस जारी होने के बाद अनुपस्थित रहने वाले पदाधिकारी कितना सक्रिय होते हैं और क्या पार्टी नेतृत्व को कोई और कठोर कदम उठाना पड़ता है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि कांग्रेस अब संगठन को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी हर स्तर पर अपनी तैयारी को मजबूत करने में जुटी है।



