राजस्थान में 04 मई 2025 को सामने आए बागीदौरा विधायक प्रकरण पर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने संज्ञान लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने इस मामले को एक सियासी षड्यंत्र बताया है, जिसमें विधायक को फंसाने की कोशिश की गई है। पार्टी ने दावा किया है कि इसके पीछे राजनीतिक द्वेषता और BAP के बढ़ते जनाधार को कमजोर करने की मंशा है।
पार्टी ने इस पूरे मामले में सरकार और जांच एजेंसियों की भूमिका को संदेहास्पद बताया है और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। इसी के तहत, राष्ट्रीय सदस्य कान्ति लाल रोत, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. जितेंद्र, प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान रमेश चंद्र मईडा, विधायक उमेश कुमार डामोर (आसापुर) और विधायक धावरचंद डामोर (धरियावद) को जांच कमेटी में शामिल किया गया है।
BAP ने निर्देश दिया है कि इस मामले की गहराई से जांच कर शीघ्र ही केंद्रीय कार्यालय को रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि पार्टी आगामी रणनीति तय कर सके। मोहनलाल रोत ने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी के खिलाफ चल रहे इस कथित राजनीतिक षड्यंत्र की पुष्टि होती है, तो इसके खिलाफ बड़ा कदम उठाया जाएगा।
पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की गई है कि वे निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं और सरकार व जांच एजेंसियों से पारदर्शिता की मांग करें। भारत आदिवासी पार्टी ने इस प्रकरण को एक बड़ी चुनौती के रूप में लिया है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।



