भाजपा सरकार पर बरसे कांग्रेसी: परिसीमन की आड़ में टाल रहे चुनाव, संवैधानिक अधिकारों का हनन!
जालोर, 26 जुलाई। राजस्थान में बिगड़ती कानून व्यवस्था और पंचायती राज व नगर निकाय चुनावों को बार-बार टालने के मुद्दे पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी जालोर ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आगामी 28 जुलाई, सोमवार को सुबह 11:00 बजे राजीव गांधी भवन जालोर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें प्रदेश भर के कांग्रेस दिग्गज शिरकत करेंगे।
जिला प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बैठक में प्रदेश महासचिव एवं जिला प्रभारी सुमन यादव, सहप्रभारी हरीश परिहार, लोकसभा प्रत्याशी वैभव गहलोत, रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी, भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह राठौड़, पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई और पुखराज पाराशर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल, जालोर कांग्रेस प्रत्याशी रमिला मेघवाल, आहोर कांग्रेस प्रत्याशी सरोज चौधरी सहित सभी पूर्व विधायकगण, विधानसभा प्रभारीगण, प्रदेश पदाधिकारीगण, पीसीसी सदस्यगण और वरिष्ठ कांग्रेसजन उपस्थित रहेंगे।
बिगड़ती कानून व्यवस्था पर घेराबंदी:
कुम्पावत ने भाजपा सरकार पर बरसते हुए कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, तब से कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि समाचार पत्रों में आए दिन बलात्कार, लूटपाट, डकैती, चेन स्नैचिंग, और बजरी माफियाओं के आतंक जैसी आपराधिक घटनाओं की खबरें सामने आती हैं, जिससे लगता है कि प्रदेश में पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है।
चुनाव टालने पर संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप:
कांग्रेस का मुख्य निशाना राज्य सरकार द्वारा नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को ‘परिसीमन’ के नाम पर बार-बार टाला जाना भी है। कुम्पावत ने बताया कि बहुसंख्यक नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 243 यू और 243 ई, साथ ही पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 17, और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2000 की धारा 7 का हवाला देते हुए कहा कि इन धाराओं में स्पष्ट प्रावधान है कि इन संस्थाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है और कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व चुनाव प्रक्रिया शुरू करना अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार संविधान के इन प्रावधानों का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन कर चुनाव टाल रही है।
मनमाने परिसीमन का होगा पुरजोर विरोध:
कुम्पावत ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा नगर निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के परिसीमन के नाम पर जो मनमाने तरीके से वार्डों और पंचायतों का गठन किया जा रहा है, उसका समस्त कांग्रेसजन पुरजोर विरोध करेंगे और नियमानुसार गठन करवाने का प्रयास करेंगे।
प्रेस वार्ता और राज्यपाल को ज्ञापन:
बैठक समाप्ति के बाद, इन सभी गंभीर मुद्दों को लेकर समस्त वरिष्ठ कांग्रेसजनों द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया जाएगा। इसके उपरांत, महामहिम राज्यपाल महोदय राजस्थान के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर जालोर को सौंपा जाएगा, जिसमें इन सभी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
इस बैठक में जिला कार्यकारिणी पदाधिकारीगण, वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधिगण, ब्लॉक एवं नगर अध्यक्षगण, अग्रिम संगठन एवं प्रकोष्ठ, विभाग के जिलाध्यक्ष, पदाधिकारीगण, मंडल अध्यक्षगण, जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यगण, पार्षदगण सहित तमाम कांग्रेसजन अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यह बैठक आगामी राजनीतिक रणनीति और भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस के आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



