राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अंता विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता निरस्त कर दी है। यह निर्णय राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखने के बाद लिया गया।
क्या है मामला?
- कंवरलाल मीणा को सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी अधिकारियों को धमकाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में दोषी ठहराया गया था।
- अकोलेरा की स्थानीय अदालत ने 14 दिसंबर 2020 को उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी।
- राजस्थान उच्च न्यायालय ने इस सजा को बरकरार रखा, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी।
विधानसभा अध्यक्ष का निर्णय
- विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने महाधिवक्ता की विधिक राय प्राप्त करने के बाद 23 मई 2025 को उनकी सदस्यता निरस्त करने का आदेश जारी किया।
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8(3) के तहत यह कार्रवाई की गई।
- इस निर्णय के बाद अंता (193) विधानसभा सीट रिक्त हो गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
- कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने इस फैसले को संविधान और लोकतंत्र की जीत बताया।
- भाजपा ने इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति से इनकार किया और कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया गया है।
इस घटनाक्रम से राजस्थान की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि अंता सीट पर उपचुनाव कब होंगे और कौन इस सीट पर दावा पेश करेगा।







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